चंडीगढ़, 06 अगस्त 2026: हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि रिश्वतखोरी या भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी पाए जाने वाले अधिकारी और कर्मचारियों को उसी जिले और उसी पद पर दोबारा तैनाती नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ऐसे मामलों में सरकार बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई करती है। सरकार इन मामलों पर जीरो टॉलरेंस की नीति से काम कर रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
हाल ही में हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भ्रष्टाचार के आरोपियों को उसी जिले में तैनाती न देने का अनुरोध किया था।
इस पर मंगलवार को पत्रकारवार्ता में जब सवाल पूछा गया तो सीएम ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार को लेकर काफी सख्त है। फैसला लिया गया है कि भ्रष्टाचार में पकड़े गए अधिकारी को उसी जिले में तैनाती नहीं मिलेगी। हाल ही में एंटी करप्शन ब्यूरो ने पूरे प्रदेश में 140 ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान की है जिनके खिलाफ लगातार रिश्वत लेकर काम करने की शिकायतें मिली हैं। इनकी सूची तैयार की गई है। जनवरी 2022 से जून 2026 के बीच ब्यूरो ने 92 ट्रैप और रेड की है।
सीएम नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी ने कांग्रेस के शासनकाल की स्थिति नहीं देखी है। कांग्रेस के समय भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी थी। परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं होती थीं और युवाओं की शिकायतों पर सुनवाई नहीं होती थी। परीक्षा देने वाले युवा बस की छत पर बैठकर परीक्षा केंद्र पहुंचते थे। कोई गिर जाए या चोट लग जाए तो सुनने वाला नहीं होता था।
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