नई दिल्ली, 01 अगस्त 2026: पेपर लीक पर शिकंजा कसने के लिए संसद द्वारा पारित ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026’ को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिल गई है। विपक्षी दलों के वॉकआउट के बीच संसद के दोनों सदनों से पारित हुआ यह कानून अब देशभर में लागू हो गया है।
यह नया कानून पेपर लीक रोकने और सरकारी व प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए है। इसका उल्लंघन करने वालों को 10 साल तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को राज्यसभा ने गुरुवार को ध्वनि मत से पारित कर दिया था। लोकसभा ने इस विधेयक को एक दिन पहले पारित कर दिया था। अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिल गई है।
केंद्र सरकार के अनुसार इस नए संशोधन का मुख्य उद्देश्य सरकारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना और लाखों युवाओं के भविष्य व हितों की सुरक्षा करना है।
संशोधित कानून के तहत सार्वजनिक परीक्षाओं में धांधली, पेपर लीक करने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने के दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को पांच से दस साल तक की कैद के साथ 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी देना होगा।
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