शिमला, 15 जुलाई 2026: 422 मेगावाट क्षमता वाली किशाऊ बहुउद्देश्यीय जलविद्युत परियोजना का समझौता ज्ञापन (MOU) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में भारत सरकार और साझेदार राज्यों के बीच जल्द हस्ताक्षरित होगा।
MOU पर हस्ताक्षर से पहले केंद्र सरकार ने इसके प्रारूप को परियोजना से जुड़े सभी राज्यों को भेजकर सुझाव और टिप्पणियां मांगी हैं।
इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक की और MOU के प्रारूप की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि परियोजना के क्रियान्वयन में हिमाचल प्रदेश के अधिकारों और हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में हुई बैठक में 422 मेगावाट किशाऊ परियोजना के क्रियान्वयन पर सहमति बन गई है। इस समझौते के तहत हिमाचल प्रदेश को परियोजना में कोई वित्तीय निवेश नहीं करना होगा, जबकि राज्य को हर साल करीब 600 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।
सीएम सुक्खू ने बताया कि वर्तमान सरकार ने पहले तैयार किए गए MOU प्रारूप को अस्वीकार कर दिया था। नए प्रारूप में प्रदेश के हितों को सुरक्षित रखने वाली शर्तें शामिल की गई हैं, जिसे सभी हितधारकों से मंजूरी मिल गई है। इससे राज्य के दीर्घकालिक हित सुरक्षित हुए हैं और परियोजना का रास्ता भी साफ हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान को बिजली और पानी में अपना वैध हिस्सा मिलेगा। हिमाचल प्रदेश को अपनी जरूरत के अनुसार पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
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