लखनऊ, 15 जुलाई 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूली शिक्षा में ज़बरदस्त बदलाव आया है। बेसिक शिक्षा विभाग में ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ और सेकेंडरी शिक्षा विभाग में ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ के ज़रिए सरकारी स्कूलों की पूरी तस्वीर काफ़ी बेहतर हुई है। साफ़ पीने का पानी, टॉयलेट, लाइब्रेरी, साइंस लैब, स्मार्ट क्लासरूम, अतिरिक्त क्लासरूम, डिजिटल संसाधन और पढ़ाने की आधुनिक सुविधाओं ने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई का एक नया माहौल बनाया है।
‘ऑपरेशन कायाकल्प’ ने काउंसिल-संचालित स्कूलों को बदलने में अहम भूमिका निभाई है। इस पहल के तहत 1.32 लाख काउंसिल स्कूलों को अपग्रेड किया जा चुका है। जहाँ 2017-18 में बुनियादी सुविधाओं का स्तर 36% था, वहीं अब यह 96.30% से ज़्यादा हो गया है। छात्रों के लिए 3.42 लाख डेस्क और बेंच उपलब्ध कराने का काम तेज़ी से चल रहा है। 1.30 लाख से ज़्यादा स्कूलों में लाइब्रेरी की सुविधा दी गई है, जबकि हज़ारों स्कूलों में अब स्मार्ट क्लासरूम चल रहे हैं।
इसके अलावा, 4.50 लाख से ज़्यादा शिक्षकों ने ‘फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी’ (FLN) ट्रेनिंग ली है, जिससे प्राइमरी क्लास के छात्रों में भाषा और गणित की बुनियादी समझ को मज़बूत करने में मदद मिली है।
भविष्य की शैक्षिक ज़रूरतों के हिसाब से स्कूलों को तैयार करने के लिए सरकार ने कई नई पहल शुरू की हैं। राज्य के सभी 75 ज़िलों में कुल 150 ‘मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट स्कूल’ बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 141 स्कूलों के लिए ज़मीन चुनने का काम पूरा हो चुका है।
इनके साथ ही, 75 ‘मुख्यमंत्री अभ्युदय कम्पोजिट स्कूल’ भी विकसित किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में अभी 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) हैं, जिन्हें चरणों में अपग्रेड किया जा रहा है ताकि उनमें कक्षा 6 से 12 तक की शिक्षा दी जा सके।
सरकार ने उन विकास खंडों में नए आवासीय बालिका विद्यालय खोलने का भी फ़ैसला किया है जहाँ अभी KGBV नहीं हैं, ताकि लड़कियों के लिए सुरक्षित, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक माहौल सुनिश्चित किया जा सके।
‘प्रोजेक्ट अलंकार’ ने माध्यमिक शिक्षा विभाग में बुनियादी ढाँचे के विस्तार को भी तेज़ किया है। उत्तर प्रदेश में 29,216 माध्यमिक स्कूल हैं, जिनमें 2,460 सरकारी हाई स्कूल और इंटरमीडिएट कॉलेज शामिल हैं।
सरकार ने 41 नए सरकारी इंटरमीडिएट कॉलेज और 215 सरकारी हाई स्कूलों का निर्माण पूरा कर लिया है।
60 और सरकारी इंटरमीडिएट कॉलेजों को मंज़ूरी दी गई है, जबकि 280 नए स्कूल शुरू किए जा चुके हैं। 2,383 सरकारी माध्यमिक स्कूलों और 590 सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में बुनियादी ढाँचे का विकास पूरा हो चुका है।
डिजिटल लर्निंग को मज़बूत करने के लिए 778 ICT प्रयोगशालाएँ और 1,236 स्मार्ट क्लासरूम बनाए गए हैं, जिससे सरकारी माध्यमिक स्कूलों में आधुनिक शिक्षण सुविधाएँ काफ़ी बेहतर हुई हैं।
राज्य में 1,722 PM SHRI स्कूल हैं, जिनमें बेसिक शिक्षा विभाग के तहत 1,565 स्कूल और माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत 157 स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुसार विकसित किया जा रहा है, जिसमें आधुनिक शिक्षण संसाधनों, नवाचार-आधारित शिक्षण, कौशल विकास और समग्र शिक्षा पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है।
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