लखनऊ, 13 जुलाई 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सड़क निर्माण और गुणवत्ता में जीरो टॉलरेंस के विजन के तहत अब शासन स्तर से सीधे हर मंडल की एक प्रमुख सड़क का औचक निरीक्षण किया जाएगा।
इस विशेष अभियान का उद्देश्य यह पता लगाना है कि धरातल पर सड़कों का निर्माण और मरम्मत कार्य ठेकेदार मानकों के अनुसार कर रहे हैं या नहीं। अगर किसी मंडल में सड़क की गुणवत्ता खराब मिली तो संबंधित ठेकेदार और विभागीय अभियंताओं के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई होगी।
सुल्तानपुर में सड़क की खराब गुणवत्ता पाए जाने पर अधिशासी अभियंता को निलंबित कर दिया गया। ठेकेदार को सड़क दोबारा बनाने के निर्देश भी दिए गए। इसी मामले के साथ सरकार ने इस अभियान की शुरुआत कर दी है।
शासन के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि इस औचक जांच के पीछे मुख्य मंशा पूरे प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों को गुणवत्ता के मामले में कड़ा संदेश देना है। एक सड़क पर की गई सख्त कार्रवाई पूरे मंडल के सभी जिलों और उत्तर प्रदेश के अभियंताओं को साफ संकेत देगी कि गुणवत्ता में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सरकार ने जांच को पूरी तरह निष्पक्ष और आकस्मिक बनाने के लिए तैयारियां कर ली हैं। यूपीपीडब्ल्यूडी की तकनीकी विंग और गुणवत्ता नियंत्रण टीमों को इस काम में लगाया गया है।
ये भी देखे: योगी सरकार की छात्रवृत्ति योजना से 27 लाख से अधिक छात्रों को मिला लाभ, प्रयागराज टॉप पर