पटना, 08 जुलाई 2026: बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर बिहार में नवीकरणीय एवं हरित ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की।
बैठक में बिहार में 3305 मेगावाट क्षमता के ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर तथा बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) के विकास के लिए आवश्यक स्वीकृति एवं वित्तीय सहयोग का अनुरोध किया गया। यह परियोजना राज्य में प्रस्तावित सौर ऊर्जा परियोजनाओं से उत्पादित बिजली के सुगम निकासी (Evacuation) एवं ग्रिड के प्रभावी एकीकरण (Grid Integration) के लिए महत्वपूर्ण है।
यह अवसंरचना बिहार के जमुई, बांका, लखीसराय, औरंगाबाद एवं कैमूर जैसे नवीकरणीय ऊर्जा संभावित क्षेत्रों में स्थापित की जा रही सौर एवं BESS परियोजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (ULA) के अंतर्गत बिहार में योजना के दायरे के विस्तार पर भी विस्तार से चर्चा हुई। राज्य में लगभग 58 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ता हैं, जबकि वर्तमान में 1.1 किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सौर संयंत्र के अधिष्ठापन के लिए मात्र 2.5 लाख उपभोक्ताओं की ही स्वीकृति प्राप्त हुई है।
राज्य सरकार ने योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रथम चरण में 10 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को शामिल करने का प्रस्ताव नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) को भेजा है। इस प्रस्ताव पर शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया गया।
बैठक में पीएम-कुसुम योजना (फेज-II) के अंतर्गत 1,000 कृषि फीडरों के सोलराइजेशन, औरंगाबाद में 150 मेगावाट क्षमता के SECI सोलर पार्क, बिहार ग्रीन हाइड्रोजन नीति के प्रभावी क्रियान्वयन तथा राज्य में राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (NISE) के क्षेत्रीय परिसर की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार ने कहा कि बिहार सरकार स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है तथा केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
ये भी देखे: स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने की डेंगू-चिकनगुनिया नियंत्रण की उच्चस्तरीय समीक्षा