स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने की डेंगू-चिकनगुनिया नियंत्रण की उच्चस्तरीय समीक्षा

by Manu
nishant kumar meeting

पटना, 08 जुलाई 2026: स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने बिहार में डेंगू एवं चिकनगुनिया की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों एवं अब तक किए गए कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। समीक्षा बैठक में राज्यभर में संचालित फॉगिंग अभियान, मच्छर नियंत्रण, सर्विलांस, जांच व्यवस्था, दवा एवं कीटनाशकों की उपलब्धता, अस्पतालों की तैयारियों तथा जनजागरूकता अभियानों की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वर्षा ऋतु को देखते हुए सभी जिलों में पूरी सतर्कता बरती जाए तथा रोकथाम, जांच एवं उपचार की सभी व्यवस्थाएं सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित की जाएं।

समीक्षा के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों से स्पष्ट हुआ कि स्वास्थ्य विभाग की प्रभावी रणनीति, समय पर निगरानी, व्यापक जनजागरूकता अभियान, नियमित फॉगिंग, बेहतर जांच व्यवस्था तथा त्वरित उपचार के कारण राज्य में पिछले तीन वर्षों के दौरान डेंगू एवं चिकनगुनिया के मामलों में लगातार उल्लेखनीय कमी आई है। सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि वर्ष 2026 में 6 जुलाई तक राज्य में डेंगू से एक भी मरीज की मृत्यु नहीं हुई है, जबकि चिकनगुनिया का एक भी मामला सामने नहीं आया है।

आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में राज्य में डेंगू के 20,224 मामले दर्ज हुए थे तथा 74 मरीजों की मृत्यु हुई थी। वर्ष 2024 में डेंगू के मामलों में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई और कुल 10,155 मामले सामने आए, जबकि मृत्यु की संख्या घटकर 16 रह गई। वर्ष 2025 में यह संख्या और घटकर 3,902 मामले तथा केवल 2 मौतों तक सीमित रही। वहीं वर्ष 2026 में 6 जुलाई तक राज्य में डेंगू के मात्र 176 मामले दर्ज किए गए हैं तथा अब तक एक भी मौत नहीं हुई है।

चिकनगुनिया के मामलों में भी राज्य ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। वर्ष 2024 में चिकनगुनिया के 520 मामले दर्ज किए गए थे, जो वर्ष 2025 में घटकर मात्र 45 रह गए। वर्ष 2026 में 6 जुलाई तक पूरे राज्य में चिकनगुनिया का एक भी मामला सामने नहीं आया है।

राजधानी पटना में भी डेंगू की स्थिति में लगातार सुधार देखने को मिला है। वर्ष 2023 में जहां पटना में डेंगू के 8,600 मामले दर्ज किए गए थे, वहीं वर्ष 2024 में यह संख्या घटकर 5,033 तथा वर्ष 2025 में 1,817 रह गई। इस वर्ष 6 जुलाई तक पटना में केवल 47 मामले दर्ज किए गए हैं और किसी भी मरीज की मृत्यु नहीं हुई है।

समीक्षा बैठक में बताया गया कि मच्छरों के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए राज्यभर में व्यापक स्तर पर फॉगिंग अभियान चलाया जा रहा है। वर्तमान में सभी जिलों में कुल 318 फॉगिंग मशीनें सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।

पश्चिमी चंपारण, दरभंगा, नालंदा, पूर्वी चंपारण, पटना एवं भागलपुर जैसे संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त फॉगिंग मशीनें तैनात की गई हैं, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में नियमित एवं प्रभावी फॉगिंग सुनिश्चित की जा सके। विभाग ने मच्छर नियंत्रण के लिए आवश्यक कीटनाशक टेक्निकल मैलाथियान का भी पर्याप्त भंडारण किया है।

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