पटना, 27 जून 2026: बिहार सरकार शोध और अनुसंधान को नई गति देने जा रही है। राज्यपाल-सह-कुलाधिपति सय्यद अता हसनैन की अध्यक्षता में हुई उच्च शिक्षा विभाग की बैठक में कुलाधिपति पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप, मुख्यमंत्री शोध अनुदान योजना और मुख्यमंत्री शोध छात्रवृत्ति योजना लागू करने का फैसला लिया गया।
बैठक में यह भी तय हुआ कि 30 सितंबर तक सभी विश्वविद्यालयों में छात्रों की लंबित डिग्रियां वितरित कर दी जाएंगी। राज्यपाल ने शिक्षकों और कर्मचारियों के स्थानांतरण तथा पदोन्नति के लिए सख्त समय-सीमा तय करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सामान्य स्थानांतरण केवल जून महीने में ही किए जाएंगे।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शैक्षणिक कार्यक्रमों को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। स्नातकोत्तर के 43 विषयों के पाठ्यक्रम का अनुमोदन जुलाई के पहले सप्ताह तक कर लिया जाएगा।
राज्यपाल ने 15 राज्यों के उच्च शिक्षा अधिनियमों का अध्ययन कर उनमें मौजूद बेहतर प्रावधानों को बिहार के उच्च शिक्षा अधिनियम में शामिल करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा, राज्यपाल ने 31 दिसंबर 2026 तक सभी विश्वविद्यालयों में ‘समर्थ’ पोर्टल को पूरी तरह लागू करने का आदेश दिया। इस पोर्टल के जरिए लेखा-वित्त, कर्मचारी सेवाएं और अकादमिक क्षेत्र के सभी 26 मॉड्यूल संचालित होंगे।
राज्यपाल ने कहा कि समर्थ पोर्टल से प्रशासनिक खर्च में करोड़ों रुपये की बचत हो रही है और डिजिटल व्यवस्था से निर्णय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनी है।
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