चंडीगढ़, 8 जून 2026: पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने घोषणा की कि सरदार बेअंत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी में एकेडमिक सेशन 2026-27 से पांच नए इंडस्ट्री और स्किल-बेस्ड कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। बैंस ने बताया कि नए कोर्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग में B.Tech, रोबोटिक्स और AI में B.Tech, B.फार्मेसी, B.Sc. एग्रीकल्चर और MCA, MBA और M.Sc. में पांच साल के इंटीग्रेटेड प्रोग्राम शामिल हैं।
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह कदम मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के उस बड़े विजन का हिस्सा है, जिसका मकसद हायर एजुकेशन को रोजगार-उन्मुख और ग्लोबल स्तर पर कॉम्पिटिटिव बनाना है।
उन्होंने आगे कहा, “थ्योरी और परीक्षा-केंद्रित शिक्षा का पुराना मॉडल अब पुराना हो चुका है, इसलिए हम इसे प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, लैबोरेटरी-बेस्ड और असल ज़िंदगी की समस्याओं को हल करने वाले तरीकों में बदल रहे हैं। सरदार बेअंत सिंह यूनिवर्सिटी अब न सिर्फ डिग्री होल्डर्स के लिए, बल्कि नए और इनोवेटिव आइडिया वाले युवा दिमागों के लिए भी एक लॉन्चपैड बनेगी।”
शिक्षा मंत्री ने कहा कि हर स्टूडेंट को एक सेमेस्टर की अनिवार्य इंटर्नशिप और लाइव प्रोजेक्ट्स पूरे करने होंगे। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद यह पक्का करना है कि जब कोई स्टूडेंट ग्रेजुएट हो, तो वह पहले से ही इंडस्ट्री के लिए तैयार हो। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सिलेबस में बदलाव नहीं है, बल्कि पंजाब में सीखने, कमाने और आगे बढ़ने के सफर में एक क्रांति है।
हरजोत सिंह बैंस ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस पहल को राज्य से ‘ब्रेन ड्रेन’ (प्रतिभाओं के पलायन) के ट्रेंड को पलटने के मकसद से डिज़ाइन किया गया है। पंजाब में माता-पिता को अब अच्छी टेक्निकल या फार्मा शिक्षा के लिए अपने बच्चों को विदेश भेजने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा, क्योंकि मान सरकार यहीं पर भविष्य के लिए तैयार यूनिवर्सिटी बना रही है।
ये भी देखे: मानसून से पहले 2200 किलोमीटर सीवरेज लाइनों और 1400 हॉटस्पॉटों की होगी सफाई – हरजोत सिंह बैंस