पटना, 25 जुलाई 2026: बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल की अध्यक्षता में राज्य के सभी वितरण ट्रांसफॉर्मरों के समुचित परीक्षण कार्य की समीक्षा हेतु शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, ऊर्जा सचिव एवं अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड अजय यादव (भा.प्र.से.), बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. नवल किशोर चौधरी (भा.प्र.से.), साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सौरव जोरवाल (भा.प्र.से.) एवं बिहार स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विशाल राज (भा.प्र.से.) द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
इस अवसर पर राज्य के सभी वितरण ट्रांसफॉर्मरों के समुचित परीक्षण हेतु विस्तृत समीक्षा की गई तथा विद्युत वितरण व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय एवं उपभोक्ता-केंद्रित बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
राज्य के लगभग 3.36 लाख वितरण ट्रांसफॉर्मरों का नियमित ‘चेकअप’ अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत सभी स्तरों पर ट्रांसफॉर्मरों की नियमित तकनीकी जांच, परीक्षण एवं अनुरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि समय रहते पहचान कर निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति बनाए रखी जा सके।
बैठक को संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित, निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए वितरण ट्रांसफॉर्मरों, विद्युत लाइनों एवं अन्य विद्युत संरचनाओं का समयबद्ध परीक्षण, नियमित चेकअप तथा अनुरक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने कहा कि इस समीक्षा बैठक का उद्देश्य राज्य के अंतिम पायदान पर बैठे प्रत्येक उपभोक्ता तक निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाना है।
ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि टॉल फ्री नंबर 1912, सहयोग शिविर तथा ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त उपभोक्ता शिकायतों एवं फीडबैक का नियमित विश्लेषण कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि डेटा आधारित कार्य संस्कृति विकसित करते हुए उपभोक्ताओं को अधिकतम सुविधा उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। कृषि फीडरों, ग्रामीण क्षेत्रों तथा औद्योगिक क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति पर विशेष ध्यान देते हुए वहां की विद्युत संरचनाओं का नियमित निरीक्षण एवं अनुरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि ट्रांसफॉर्मर को केवल विद्युत उपकरण नहीं, बल्कि शरीर के अभिन्न अंग के रूप में देखते हुए उसकी देखभाल की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि ट्रांसफॉर्मरों के परीक्षण, अनुरक्षण एवं सुरक्षा से संबंधित निर्धारित मानकों और समय-सीमा का सभी स्तरों पर कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
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