चंडीगढ़, 16 अप्रैल 2026: पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलबीर सिंह और बरिंदर कुमार गोयल ने लहरागागा में एक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की शुरुआत की है। लेहरागागा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में OPD और IPD सेवाओं के साथ-साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं भी शुरू कर दी गई हैं। यह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अब पूरी तरह से नवीनीकृत कर दिया गया है। इससे लेहरागागा सहित 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों और कस्बों को लाभ मिलेगा।
CHC लहरागागा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ये चिकित्सा सेवाएं ‘जनहित ट्रस्ट’ की एक इकाई, ‘आचार्य विद्यानंद जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च’ द्वारा प्रदान की जाएंगी। इस पहल के साथ, लहरागागा की पहचान अब न केवल संगरूर में, बल्कि पूरी दुनिया में स्थापित होगी।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह स्वास्थ्य संस्थान किसी भी तरह से निजी हाथों में नहीं सौंपा जा रहा है। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना सरकार का कर्तव्य है; इसी के तहत, जनहित ट्रस्ट की इकाई ‘आचार्य विद्यानंद जैन इंस्टीट्यूट ऑफ Medical Sciences and Research’ को इसका प्रभार सौंपा गया है, जिसका एकमात्र उद्देश्य मानवता की सेवा करना है, न कि मुनाफा कमाना।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा दिन-रात किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप, बंद पड़े ‘बाबा हीरा सिंह भट्ठल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी’ को अब एक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के रूप में फिर से शुरू किया जा रहा है। यह मेडिकल कॉलेज मूनक और खनौरी, दोनों क्षेत्रों को कवर करेगा और वहां के अस्पताल भी इसी कॉलेज के माध्यम से संचालित होंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एक समय इस क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी थी, लेकिन मुख्यमंत्री एस. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार अब इस क्षेत्र पर विशेष ध्यान दे रही है और यहां मेडिकल कॉलेज तथा अस्पताल स्थापित कर रही है। इससे न केवल इस क्षेत्र को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि पूरे निर्वाचन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आर्थिक विकास भी होगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सेवा दे रहे विशेषज्ञ डॉक्टरों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि वित्त मंत्री एस. हरपाल सिंह चीमा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने मेडिकल कॉलेज परियोजना को इस मुकाम तक पहुँचाने में बहुत सहयोग दिया है, जिसके लिए वे उनके आभारी हैं।
गोयल ने कहा कि अगले साल मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग की कक्षाएँ शुरू हो जाएँगी। इसके साथ ही, MD और MS की कक्षाएँ भी शुरू की जाएँगी।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कई बार इस क्षेत्र से जुड़े ऐसे छात्र, जो बहुत काबिल थे, लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण डॉक्टर बनने से वंचित रह जाते थे; अब वे छात्र अपने सपनों को साकार कर पाएँगे।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पहले आपातकालीन सेवाओं की कमी के कारण कई बार लोगों को अपनी जान गँवानी पड़ती थी, क्योंकि बेहतर और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं के लिए उन्हें संगरूर या पटियाला जाना पड़ता था। समय पर वहाँ न पहुँच पाने के कारण लोगों की जान चली जाती थी, लेकिन अब चिकित्सा सुविधाओं की कमी किसी की भी जान जाने का कारण नहीं बनेगी।
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