चंडीगढ़, 13 मार्च 2026: मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच अमेरिकी प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने उन देशों को अस्थायी अनुमति देने का फैसला किया है जो समुद्र में फंसे रूसी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों को खरीदना चाहते हैं। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान युद्ध के कारण ग्लोबल एनर्जी बाजार में अस्थिरता चरम पर पहुंच गई है और तेल की सप्लाई को लेकर वैश्विक चिंता गहरा रही है।
ट्रेजरी विभाग ने घोषणा की है कि वह एक अस्थायी लाइसेंस जारी कर रहा है। इस लाइसेंस के तहत कुछ प्रतिबंधित रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की डिलीवरी और बिक्री की अनुमति दी जाएगी। यह छूट सीमित समय के लिए दी गई है और इसका मुख्य मकसद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ाना तथा कीमतों पर अंकुश लगाना है।
अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान के साथ जारी संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते जोखिम के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। होर्मुज जलडमरूमध्य से रोजाना दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल गुजरता है। युद्ध के कारण इस रूट पर खतरा बढ़ गया है जिससे वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर से ऊपर चढ़ गया है।
अमेरिका ने पहले भी भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट दी थी।
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