पंजाब को गैर-कानूनी तरीके से अपनी राजधानी से वंचित रखा गया; चंडीगढ़ हमारा है और रहेगा – CM मान

by Manu
भगवंत मान

होशियारपुर, 27 जनवरी 2026: गणतंत्र दिवस पर होशियारपुर में राष्ट्रीय तिरंगा लहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस अवसर पर अपनी सरकार के शासन रिकॉर्ड का विस्तारपूर्वक विवरण दिया। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में पंजाब की कुर्बानियों और देश के अन्नदाता व खड़गभुजा के रूप में इसकी निरंतर भूमिका को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद राज्य को इसकी राजधानी और अलग हाई कोर्ट से गैरकानूनी तरीके से वंचित रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चंडीगढ़, पंजाब यूनिवर्सिटी और इसके पानी के अधिकारों पर पंजाब के दावे को कमजोर करने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब अपने हितों की रक्षा के लिए हर रोज कानूनी और संवैधानिक कार्रवाई करता रहेगा।

शासन को विरासत और विश्वास से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस की ऐतिहासिक यादगार, श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर का दर्जा दिया है। उन्होंने घोषणा की कि श्री गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व इस साल 1 से 20 फरवरी, 2027 तक राज्य स्तरीय कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाएगा।

शासन की दिशा को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ और ‘गैंगस्टरों पर वार’ के तहत नशों, गैंगस्टरों और नारको-ड्रोन के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई। 10 लाख रुपए तक की सार्वव्यापी स्वास्थ्य सुविधा, रिश्वत के बिना 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान करना और सड़क सुरक्षा फोर्स के माध्यम से सड़क हादसों में मौतों में तेजी से कमी आई है। उन्होंने मनरेगा में अनुसूचित जाति और बेजमीन परिवारों को प्रभावित करने वाले बदलावों पर भी चिंता जताई।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “देश और इसके लोगों के प्रति अथाह योगदान के बावजूद पंजाब के पास अपनी राजधानी नहीं है। आजादी के बाद पंजाब को गैर-कानूनी तौर पर इससे वंचित रखा गया है। स्थिति को और बिगाड़ने के लिए राज्य को इसकी राजधानी, पंजाब यूनिवर्सिटी, पानी और अन्य अधिकारों से वंचित करने के लिए रोजाना साजिशें रची जा रही हैं। यह कभी नहीं होने दिया जाएगा। चंडीगढ़, पंजाब का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा और राज्य सरकार अपनी राजधानी वापस लेने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।”

अलग हाई कोर्ट न होने पर गुस्सा जाहिर करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पंजाब के पास अपना हाई कोर्ट नहीं है, जबकि उत्तर-पूर्व के छोटे राज्यों की अपनी राजधानियां हैं। उन्होंने कहा, “अपनी हाई कोर्ट की अनुपस्थिति में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में मामलों की बड़ी संख्या के कारण पंजाबियों को बहुत परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।”

थल सेना, जल सेना और वायु सेना के बहादुर सैनिकों को सलाम करते हुए मुख्यमंत्री ने देश की प्रभुसत्ता, एकता और अखंडता की रक्षा में उनकी शानदार भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा, “1950 में इस दिन, देश का संविधान लागू हुआ था। यह सभी भारतीयों के लिए बहुत खास दिन है। यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के गौरवशाली नागरिक हैं।”

किसानों की भूमिका का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के किसान देश के अन्नदाता हैं, जिनकी कड़ी मेहनत यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी भूखा न सोए। “पंजाब, देश के अनाज भंडार में 60 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है।” उन्होंने कहा पिछले साल के तबाहीपूर्ण बाढ़ों के दौरान भी पंजाब के किसानों ने केंद्रीय पूल में 156 लाख मीट्रिक टन धान का योगदान दिया। पंजाब के किसानों और सैनिकों के योगदान के कारण राज्य को “देश का अन्नदाता और खड़गभुजा” कहा जाता है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वर्तमान में पंजाब में 19.85 लाख परिवार मनरेगा कामगारों के रूप में रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से 12.65 लाख अनुसूचित जाति भाईचारे से संबंधित हैं। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार कानून और अदालतों के माध्यम से केंद्र के खिलाफ यह जंग लड़ रही है।”

उन्होंने यह भी कहा कि संविधान में केंद्र-राज्य अधिकार स्पष्ट रूप से परिभाषित होने के बावजूद केंद्र ने ग्रामीण विकास के लिए ग्रामीण विकास फंड (आर.डी.एफ.) रोक दिए हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नौंवे पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहादत दिवस का ऐतिहासिक मौका राज्य भर में श्रद्धा व सम्मान के साथ मनाया गया। उन्होंने कहा कि श्री आनंदपुर साहिब में भाई जैता जी स्मारक के निर्माण पर 20 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिखों के तीन पावन तख्त साहिबान वाले शहरों श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर घोषित किया गया, जबकि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थानों के मुफ्त दर्शन करवा रही है।

ये भी देखे: पंजाब में गणतंत्र दिवस 2026 पर सीएम भगवंत मान ने होशियारपुर में फहराया तिरंगा

You may also like