संगरूर, 16 मई 2025 :floods : आगामी मानसून सीजन के दौरान बाढ़ जैसी स्थिति से बचाव के लिए जिला प्रशासन संगरूर ने पहले से ही रोकथाम के उपाय शुरू कर दिए हैं। इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर संदीप ऋषि ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की और समय रहते सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) श्री अमित बैम्बी, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) सुखचैन सिंह पपड़ा, सभी एसडीएम और विभिन्न विभागों के जिला प्रमुख उपस्थित थे।
योजना पर कार्य करने के निर्देश दिए
बैठक को संबोधित करते हुए डिप्टी कमिश्नर संदीप ऋषि ने कहा कि किसी भी गंभीर स्थिति से निपटने के लिए एक सुव्यवस्थित योजना अत्यंत आवश्यक होती है। इसके लिए उन्होंने अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) को जिला आपदा प्रबंधन योजना तैयार करने और उस पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी स्थिति से बचने के लिए सबसे ज़रूरी है कि जिला संगरूर की सीमा में बहने वाली घग्गर नदी की सफाई तुरंत शुरू की जाए और इसे 30 जून से पहले-पहले पूरा किया जाए। साइफन की सफाई भी आवश्यक है। इसी तरह प्रभावित होने वाले गांवों के तालाबों की सफाई भी तुरंत शुरू की जाए। लोगों के घरों में पानी न घुसे, इसके लिए गलियों और नालियों की सफाई भी आवश्यक है।
गांवों को बरसाती पानी से बचाना जरूरी
गांवों की तर्ज पर शहरों को भी बरसाती पानी से बचाना जरूरी है। इसके लिए शहरों के सीवरेज और गलियों की नालियों की सफाई तुरंत शुरू करवाई जाए। इस काम के लिए पंजाब सरकार से प्राप्त सुपर सक्शन और जेटिंग मशीनों का पूरा उपयोग किया जाए। इन मशीनों को चलाने की जिम्मेदारी सीवरेज बोर्ड की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि शहरों में पानी रुका तो कार्यकारी अधिकारी व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार होंगे। उन्होंने अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) को निर्देश दिया कि यदि उनके स्तर पर मनरेगा के कार्यों की स्वीकृतियां लंबित हैं तो उन्हें तुरंत जारी किया जाए। सफाई से संबंधित कराए गए ड्रोन सर्वे के अनुसार कार्य शुरू किए जाएं। बरसात के मौसम से पहले रेत से भरे बोरे भी तैयार रखे जाएं ताकि किसी भी आपात स्थिति में उनका प्रयोग किया जा सके।
जिला स्तर पर हों कंट्रोल रूम स्थापित
उन्होंने निर्देश दिए कि जल्द से जल्द तहसील और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएं, राहत शिविरों की सूची, संचार योजना और हॉटस्पॉट स्थलों की सूची डिप्टी कमिश्नर कार्यालय को भेजी जाए। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि वे तुरंत जिला और तहसील स्तर पर रेस्पॉन्स टीमों का गठन करें और उपलब्ध दवाइयों का स्टॉक और रिकॉर्ड रखें। इसी प्रकार मुख्य कृषि अधिकारी और डिप्टी डायरेक्टर पशुपालन विभाग को पशुओं के लिए हरे व सूखे चारे की व्यवस्था करने को कहा गया।
उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट किया कि यदि प्रबंध समय पर पूर्ण न हुए तो एक-दूसरे पर दोषारोपण सहन नहीं किया जाएगा। बैठक में उपस्थित ड्रेनेज विभाग के एक्सईएन श्री गुंदीप बांसल ने बताया कि घग्गर नदी में 25,000 क्यूसेक पानी बहने की क्षमता है। पिछले साल 745-46 फीट तक पानी बहा था। इस बार भी उम्मीद है कि पानी इससे कम स्तर तक ही पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि पिछले साल मकरोड़ साहिब से कढ़ैल तक बांध को 15 फीट चौड़ा किया गया था। इस बार भी बाकी बचे बांधों की मजबूती का कार्य लगातार जारी है। डिप्टी कमिश्नर ने विश्वास जताया कि मकरोड़ साहिब से कढ़ैल तक बांध को चौड़ा करने से स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने में काफी सहायता मिलेगी।
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