पटियाला, 7 अप्रैल : शहीदों की धरती में आयोजित किसान महापंचायत में जगजीत सिंह डल्लेवाल ने अपने आमरण अनशन के 133वें दिन अनशन समाप्त करने का ऐलान किया। जगजीत सिंह डल्लेवाल जी ने कहा कि मैं निजी तौर पर अनशन समाप्त करने के हक में नहीं हूँ लेकिन पिछले 4 दिनों में मैं 4 महापंचायतों में गया हूँ एवम हजारों किसानों के सन्देश देश-विदेश से मुझे प्राप्त हुए हैं और सभी ने भावनाएं व्यक्त करी हैं कि मैं अपना अनशन समाप्त कर दूं, किसान समाज की भावना का सम्मान करते हुए आज मैं आमरण अनशन समाप्त करता हूँ और यह संकल्प लेता हूँ कि देश के कोने-कोने में जाकर एमएसपी गारंटी कानून पर चल रहे आंदोलन को तेज करने का कार्य करेंगे एवम जिंदगी की आखिरी सांस तक किसानों के हकों व अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे।
उसके बाद महापंचायत में जगजीत सिंह डल्लेवाल जी के बेहतर स्वाथ्य के लिए अरदास करी गयी ताकि वो जल्दी से जल्दी स्वस्थ हो कर आंदोलन को अधिक मजबूत करें। उसके बाद जगजीत सिंह डल्लेवाल जी की भावना के अनुसार सरहिन्द में गुरुद्वारा बाबा जोरावर सिंह जी – बाबा फतेह सिंह जी में किसान आंदोलन की मजबूती के लिए अरदास करी गयी एवम जगजीत सिंह डल्लेवाल जी व सभी किसानों ने मत्था टेका। इसके बाद जगजीत सिंह डल्लेवाल जी ने गुरुद्वारा बाबा जोरावर सिंह जी – बाबा फतेह सिंह जी के मुख्य ग्रन्थी के हाथ से पवित्र जल एवम प्रसाद ग्रहण किया।
13 फरवरी 2024 को 12 मांगों को लेकर शुरू किया था आंदोलन
ज्ञात रहे कि 13 फरवरी 2024 से रूस्क्क गारंटी कानून समेत 12 मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) एवम किसान मजदूर मोर्चा ने आंदोलन शुरू किया था, शुरुआती दिनों में हरियाणा पुलिस की हिंसात्मक एवम बर्बरतापूर्ण कारवाई में 1 किसान शुभकरण सिंह की सिर में गोली लगने से शहादत हुई थी, 5 किसानों की आंखों की रोशनी चली गयी थी एवम 434 किसान घायल हुए थे, 18 फरवरी 2024 के बाद 9 महीने तक किसानों से केंद्र सरकार ने कोई बात नहीं करी, उसके बाद 26 नवम्बर को जगजीत सिंह डल्लेवाल जी ने आमरण अनशन शुरू किया जिसके 54 दिन बाद केंद्र सरकार ने बातचीत का न्यौता भेजा। उसके बाद 14 फरवरी, 22 फरवरी एवम 19 मार्च को केंद्र सरकार के साथ मीटिंग हुई, 19 मार्च को मीटिंग से वापस आते समय किसानों को धोखे से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था एवम किसान मोर्चों को बुलडोजर के जरिये कुचला गया था। 3 अप्रैल से पंजाब में किसान महापंचायतों का दौर जारी है और मई के महीने में हरियाणा व राजस्थान में किसान महापंचायत आयोजित करी जाएंगी।