नई दिल्ली, 27 मार्च : राज्यसभा में एक विधेयक पर जवाब के दौरान गृह मंत्री अमित शाह के कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी पर कथित रूप से आरोप लगाने को लेकर अब राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस को खारिज कर दिया है। राज्यसभा में कांग्रेस के मुख्य व्हिप जयराम रमेश ने बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था। अमित शाह पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने उच्च सदन में एक विधेयक पर अपनी प्रतिक्रिया के दौरान कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी पर आक्षेप लगाया।
इसमें कोई उल्लंघन नहीं हुआ : सभापति
सभापति धनखड़ ने कहा कि शाह ने 25 मार्च को राज्यसभा में आपदा प्रबंधन विधेयक, 2024 पर हुई बहस का जवाब देते हुए कुछ टिप्पणियां करने के बाद अपने बयान को प्रमाणित करने पर सहमति व्यक्त की थी. उन्होंने कहा कि मंत्री ने 24 जनवरी, 1948 को भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो द्वारा जारी एक प्रेस बयान का हवाला दिया, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पीएमएनआरएफ (प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष) शुरू करने की घोषणा की थी. इसका प्रबंधन प्रधानमंत्री, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष और कुछ अन्य लोगों की एक समिति द्वारा किया जाना था. धनखड़ ने विशेषाधिकार हनन नोटिस को खारिज करते हुए कहा कि मैंने इसे ध्यानपूर्वक पढ़ा है. मुझे लगता है कि इसमें कोई उल्लंघन नहीं हुआ है।
जानिए क्या लागए थे आरोप
जयराम रमेश ने कहा कि अमित शाह ने कहा था कि कांग्रेस के शासन के दौरान, केवल एक परिवार का नियंत्रण था और कांग्रेस अध्यक्ष उसी परिवार का हिस्सा थीं। उन्होंने यह भी कहा कि शाह के बयान का अध्ययन करने पर यह स्पष्ट होता है कि हालांकि गृह मंत्री ने सोनिया गांधी का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से उनका उल्लेख किया।