ट्रांस्को में प्राईवेट गाडिय़ां चलाने वाले मालिक पैसे न मिलने के कारण परेशान
5000 से ज्यादा गाडिय़ां चल रही हैं अधिकारियों के साथ
पटियाला, 10 फरवरी : बिजली बोर्ड से कंपनी की तबदील हुई पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन ( ट्रांसको) निगम कंपनी अधीन पूरे पंजाब अंदर कंपनी के लिए गाडिय़ां चलाने वाले प्राईवेट मालिक पैसे न मिलने के कारण परेशान हो चुके हैं और चारों तरफ हाहाकार मची पड़ी है। इस तरह लग रहा है कि ट्रांसको बहुत बड़े घाटे में चल रही है, जिस कारण यह कारों और गाडियां चलाने वाले मालिक बेहद परेशान हैं।
ट्रांसको ने पिछले कुछ समय से अपने समुचे अफसरों यहां तक कि एसडीओ तक को गाडिय़ां या कारें खुद न खरीद करके प्राईवेट तौर पर ठेकेदारों से ले कर दी हैं। एक अन्दाजे अनुसार पंजाब अंदर ऐसीं 5 हजार से ज्यादा कारें हैं, जो इस कंपनी में चलती हैं। बहुत से लोगों ने लोन पर कारें ले कर ट्रांसको कंपनी के अफसरों के साथ लगा दी हैं। यह मालिक कम ड्राईवर हर महीने के बाद एक तारीख को अपना बिल ट्रांसको को सबमिट करते हैं और ट्रांसको हर सप्ताह पैसे ट्रांसफर करती है परन्तु अब दिसंबर और जनवरी दो महीने बीत चुके हैं और कईयों के बिल तो अभी नवंबर के भी पेडिंग हैं, जिस के साथ इन समुची गाडिय़ों के मालिकों कम ड्राईवरों में हाहाकार मची पड़ी है।
बहुत सी गाडिय़ों के इन ड्राईवरों ने बताया कि वह लम्बे समय से इस तरह गाडिय़ां चला रहे हैं, जो बिल हम ट्रांसको को सबमिट करते हैं, वह इनकी तरफ से दिए रेट मुताबिक ही होता है। यदि हर महीने पैसे नहीं मिलते तो हमें लोन की किश्तों उतारनीं, घर के खर्चे चलाने बेहद मुश्किल हो जाते हैं अब दो दो तीन महीने पैसे पेडिंग हैं, जिसके साथ उन का चूल्हा भी बंद होने लगा है। वह बच्चों की फीसें देने से मुश्किल में आ गए गए हैं और इसके साथ ही गाडिय़ों में तेल डलवाने लायक पैसे भी नहीं रहे हैं। ट्रांसको इन ड्राईवरों को एकमुख पैसे देती है, जिस में गाड़ी के तेल डलवाने से ले कर गाड़ी की रिपेयर समेत हर खर्चा ड्राईवर को करना पड़ता है।
इन लोगों ने ट्रांसको के चेयरमैन और पंजाब के मुख्य मंत्री से अपील की है कि वह ऐसे गरीब और जरूरतमंद लोगों की तरफ ध्यान देन व उन के तुरंत पैसे रिलीज करवाएं, जिससे वह अपना घर बार चला सकें। इन्होंने मुख्यमंत्री को यह भी अपील की कि हर रोज अफसरों के साथ चलाई जा रही गाडिय़ों में तेल भी पड़ता है और अन्य खर्च किए भी करने हैं, यदि इस तरह पैसे नहीं मिलेंगे तो वह मरने के किनारे पहुंच जाएंगे।
ट्रांस्को में प्राईवेट गाडिय़ां चलाने वाले मालिक पैसे न मिलने के कारण परेशान
5000 से ज्यादा गाडिय़ां चल रही हैं अधिकारियों के साथ
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