अहमदाबाद, 06 फ़रवरी 2025: गुरुवार की सुबह, अमेरिका से अवैध तरीके से प्रवेश करने के आरोप में निकाले गए 104 भारतीयों में से 33 गुजरात के नागरिकों (Immigrants) को लेकर एक विमान अमृतसर से अहमदाबाद हवाई अड्डे पर उतरा। इन प्रवासियों (Immigrants) को अमेरिका से वापस भेजा गया था, और जैसे ही विमान अहमदाबाद पहुंचा, गुजरात पुलिस ने तुरंत इन प्रवासियों को अपने मूल स्थानों पर भेजने की व्यवस्था की।
सहायक पुलिस आयुक्त आर. डी. ओझा ने हवाई अड्डे पर मीडिया को बताया, “इस विमान में 33 गुजराती प्रवासी थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। जैसे ही उनका विमान उतरा, हमने पुलिस वाहन तैनात किए और इन्हें उनके संबंधित जिलों में भेज दिया।”
गुजरात के विभिन्न जिलों से है लौटे हुए प्रवासी
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, ये प्रवासी गुजरात के विभिन्न जिलों से हैं, जिनमें मेहसाणा, गांधीनगर, पाटन, वडोदरा और खेड़ा शामिल हैं। हालांकि, जब मीडिया ने निर्वासित प्रवासियों से बातचीत करने की कोशिश की, तो उन्होंने किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इंकार कर दिया और पुलिस वाहनों में अपने घरों की ओर रवाना हो गए।
104 भारतीयों से भरा विमान कल अमृतसर मे उतरा था
अमेरिका से निर्वासित भारतीय नागरिकों (Immigrants) का यह समूह बुधवार को अमृतसर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक अमेरिकी सैन्य विमान के द्वारा पहुंचा था, जिसमें 33 गुजरात के नागरिक थे। उनके परिवारों ने यह दावा किया कि वे नहीं जानते थे कि उनके परिजन विदेश कैसे पहुंचे, और अब उन्हें वापसी के बाद यह स्थिति झेलनी पड़ रही है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल की प्रतिक्रिया
गुजरात के पूर्व उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने इस मामले पर सहानुभूति व्यक्त की और कहा कि ये लोग विदेश नौकरी या बेहतर करियर की तलाश में गए थे, इसलिए इन्हें अपराधी के रूप में चित्रित करना गलत है।
पुलिस की कार्रवाई: जांच अभी बाकी है
इस बीच, सीआईडी-क्राइम की पुलिस उप महानिरीक्षक परीक्षिता राठौड़ ने भी बताया कि इस समय पुलिस इन निर्वासित प्रवासियों से पूछताछ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि पहले इस मामले की पूरी जानकारी जुटाई जाएगी और फिर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना यह दर्शाती है कि विदेश में बेहतर जीवन की तलाश में गए कुछ लोग अवैध रूप से देश में प्रवेश करने की कोशिश करते हैं, और इसका परिणाम कभी-कभी उन्हें कड़ी सजा के रूप में भुगतना पड़ता है। सरकार और प्रशासन के लिए यह एक चुनौती है कि वे उन प्रवासियों को सही मार्ग पर लाकर उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को सुनिश्चित करें।
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