एशियन कालेज पटियाला की तरफ से आयोजन तीन दिवसीय नेचर कैंप का समाप्ति समारोह आयोजित
पटियाला, 3 फरवरी : एशियन कालेज पटियाला की तरफ से आयोजित किए तीन दिवसीय नेचर कैंप का समाप्ति समारोह एशियन कालेज पटियाला में हुआ, जिसमें राजीव गोयल (चीफ वातावरण इंजीनियर पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड) और डा. एम.एस. सैनी ( रिटायड डीन और प्रो. योलोजी विभाग पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला) ने मुख्य प्रवक्ता के तौर पर शिरकत करने और कालेज के चेयरमैन तरसेम सैनी, मैनेजमेंट मैंबर शिंगार सिंह और प्रिंसिपल डा. मीनू सिंह सचान की तरफ से स्वागत किया गया।
इस मौके राजीव गोयल ने ठोस अवशेष बारे विद्यार्थियों को जानकारी देते हुए कहा कि हमें स्टेटस सिंबल को त्याग कर भोजन और पानी को बर्बाद नहीं करना चाहिए। उन्होंने प्लास्टिक मुक्त वातावरण और प्रिंटिग के लिए कम कागज का प्रयोग करना और रसोई घर की फालतु सामग्री का फिर प्रयोग करने के बारे जानकारी दी। डा. एम.एस. सैनी ने विद्यार्थियों को संबोधन करते हुए कहा कि हर व्यक्ति में कुछ जानने और करने की उत्सकुकता होनी बहुत जरूरी है उत्सकुता के साथ ही वह बहुत सी नई खोज कर सकता है। उन्होंने सिलीकोन से कुनीन और चाकलेट से माइक्रोवेव और बाज के उडऩ की रफ्तार से उसके नाक में हुक द्वारा हवा कंट्रोल करने व हवाई जैट के उडऩ आदि की उदाहरणें देकर समझाया। रवि गाबा एसडीओ प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने वर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए घर की रसोई की फालतु सामग्री को खाद बनाने के लिए केसे इस्तेमाल में लाया जा सकता है, बारे विस्तार सहित जानकारी दी। इस कैंप में शामिल पटियाला के अलग- अलग स्कूलों में से आए विद्यार्थियों का जंगली जीवन पर कुइज मुकाबला करवाया गया, जिस में हर स्कूल के विद्यार्थियों ने कैंप दौरान की कारगुजारी बारे अपने तजुर्बे सांझे किये।
इस प्रोग्राम के अंत में कालेज के चेयरमैन तरसेम सैनी जी ने विद्यार्थियों को कैंप में प्रवक्ताओं की तरफ से बताई जानकारी अनुसार लुप्त हो रहे करीर, जंड आदि वृक्षों के बारे बताया और आने वाली पीढ़ीओं के जीवन में आने वाली समस्या से अग्रिम अवगत करवाया और साथ ही उन्हों ने वातावरण की संभाल के साथ- साथ मानवता की सेवा सबसे बड़ी सेवा का संदेश भी दिया।
एशियन कालेज पटियाला की तरफ से आयोजन तीन दिवसीय नेचर कैंप का समाप्ति समारोह आयोजित
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