पीसीएस अधिकारी जशनप्रीत कौर अपनी एडमिनीस्ट्रेटिव ड्यूटी को बखूबी निभाने के साथ शौंक को भी रख रही जीवित

पुडा पटियाला में एसीए हैं तैनात जशनप्रीत कौर जल्द लेकर आ रही हैं नई डाक्यूमेंटरी

by TheUnmuteHindi
पीसीएस अधिकारी जशनप्रीत कौर अपनी एडमिनीस्ट्रेटिव ड्यूटी को बखूबी निभाने के साथ शौंक को भी रख रही जीवित

पीसीएस अधिकारी जशनप्रीत कौर अपनी एडमिनीस्ट्रेटिव ड्यूटी को बखूबी निभाने के साथ शौंक को भी रख रही जीवित
पुडा पटियाला में एसीए हैं तैनात जशनप्रीत कौर जल्द लेकर आ रही हैं नई डाक्यूमेंटरी
चंडीगढ़, 17 जनवरी : पटियाला पुडा में बतौर एसीए तैनात सीनियर पीसीएस अफसर जशनप्रीत कौर गिल अपनी एडमिनिस्ट्रेटिव ड्यूटी को बाखूबी से निभाने के साथ अपने शौंक को भी जीवित रख रहे हेैं तथा वह दुनिया व समाज को ऐसी डाक्यूमेंट्री और किताबें दे रहे हैं, जिनसे समाज को प्रेरणा मिलती है।
बता दें कि जशनप्रीत कौर गिल को पिछले साल अमेरिका के लॉस एंजेलिस में हुए ऑस्टिन फिल्म फेस्टिवल और हवाई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में अपनी कहानी जरिया की हॉलीवुड में बेस्ट इंटरनेशनल स्क्रिप्ट राइटिंग (स्क्रीनप्ले) का अवॉर्ड हासिल कर चुकी हैं।
जशनप्रीत कौर गिल ने बताया कि उनके द्वारा लिखी गई और निर्देशित डाक्यूमेंटरी जल्द ही भारत सहित वल्र्ड वाइड फरवरी के आखिरी सप्ताह में रिलीज होगी। ट्रेवलिंग डॉक्यूमेंटरी जिसकी प्रोडक्शन अमेरिका की एक कंपनी ने की है, को भारत समेत वलर्ड वाइड फरवरी के आखिरी हफ्ते में रिलीज किया जाएगा। चूंकि यह फिल्म ट्रेवलिंग डॉक्यूमेंटरी है, इसलिए इसमें एक सफर (संगरूर से पहाड़ों तक) में रोड मदर्स की छोटी छोटी कहानियों में उनकी जद्दोजहद में मानवीय दयालुता को दिखाया गया है।
मूल रूप में समझाया गया है कि कोई बहुत बड़ा दान करना ही समाज सेवा नहीं है, बल्कि छोटी छोटी जगहों पर श्री गुरु नानक देव जी की फिलॉस्फी के मुताबिक दया भाव रखना भी बहुत बड़ा धर्म का काम है। जशनप्रीत कौर बताती हैं कि वो अपनी एडमिनीस्ट्रेटिव ड्यूटी को बखूबी निभाने के साथ साथ अपने शौक को भी जिंदा रखती हैं ताकि अपने अंदर की कला से कलाकार को जिंदा रख सकें। इसके पीछे सारा श्रेय वो अपना पिता को देती हैं जिनकी हौंसला अफजाई से वो यहां तक पहुंची हैं। संगरूर जिले में सिख परिवार से संबंधित जशनप्रीत कौर जोकि 4 बहनें और एक भाई हैं तथा उनके पिता एक मर्चेंट नेवी अफसर रहे हैं, ने बताया कि उनके पिता मार्चेंट नेवी में अफसर रहे हैं। सिविल सर्विस में आने के लिए पिता ने कहा। चूंकि उन्हें सिनेमा से शुरू से ही प्यार था, इसलिए पिता ने सीख दी कि पहले एज लिमिट वाली तैयारी करके सिविल सर्विसिज में आ जाओ, फिल्म इंडस्ट्री में तो कभी भी आ जाओगे। बस, फिर सिविल सर्विसिज की तैयारी की और एग्जाम क्लीयर पीसीएस अफसर बन गई। इसके बाद ड्यूटी से लंबी छुट्टी लेकर उन्होंने अपने इस प्रोजैक्ट पर काम किया।
फिल्म मेकिंग की स्टडी लास एजेंलिस कैंपस स्कूल में की
जशनप्रीत कौर गिल ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने 2022 में स्ट्डी लीव लेकर हॉलीवुड में न्यूयार्क फिल्म एकेडमी के लांस एजेंलिस कैंपस स्कूल में फिल्म मेकिंग स्ट्डी की। इसके बाद यहां आकर सर्विस के दौरान ही महिला सशक्तिकरण पर कहानी जरिया लिखी। कहानी लिखी ही थी कि सोशल मीडिया पर ऑस्टिन फिल्म फेस्टिवल के रूप में एक ऐसे प्लेटफॉर्म के बारे में पता चला, जो सारे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का एक ज्वाइंट प्लेटफॉर्म है। नए फिल्म मेकर्स के लिए यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां आप अपना प्रोजेक्ट सबमिट कर सकते हैं। यह प्रोजेक्ट आगे ऑस्कर तक जाते हैं।

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