संघर्षांे और तनाव के प्रभावी तरीके से निपटने की विशेष जरूरत : एस. जयशंकर

by TheUnmuteHindi
संघर्षांे और तनाव के प्रभावी तरीके से निपटने की विशेष जरूरत : एस. जयशंकर

नई दिल्ली, 25 अक्तूबर : विवादों और मतभेदों का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिये करना चाहिए और एक बार सहमति बन जाए तो ईमानदारी से उसका पालन होना चाहिए। यह शब्द विदेश मंत्री जयशंकर ने रूस के कजान में ब्रिक्स के ‘आउटरीच’ सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शामिल होते हुए यह बात कही।
संघर्षों और तनाव से प्रभावी तरीके से निपटने को आज के समय की विशेष जरूरत बताते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पहले के एक कथन का उल्लेख करते हुए कहा, ‘यह युद्ध का युग नहीं है।’ उन्होंने ब्रिक्स सत्र में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय कानून का बिना किसी अपवाद के पालन होना चाहिए और आतंकवाद के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं करने वाला रुख होना चाहिए। विदेश मंत्री ने कहा, ‘पश्चिम एशिया में चिंता के हालात को समझा जा सकता है।’ सत्र में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस और दुनियाभर के 20 से अधिक नेताओं ने भाग लिया। सरकारी तास समाचार एजेंसी के अनुसार, ‘आउटरीच/ब्रिक्स प्लस’ एक विस्तारित प्रारूप है, जिसमें 10 से अधिक ब्रिक्स सदस्य शामिल हैं। बैठक में लगभग 40 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें कई स्वतंत्र राष्ट्रों के राष्ट्रमंडल (सीआईएस), एशियाई, अफ्रीकी, पश्चिम एशियाई और लैटिन अमेरिकी देशों के नेता शामिल थे, जिन्होंने विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चा की।

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