चंडीगढ़, 20 जुलाई 2026: पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 छात्रों ने नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) 2026 परीक्षा पास की है। NEET पेपर लीक होने के कारण पहली परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद पूरे देश में दोबारा परीक्षा आयोजित की गई, जिसके नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री एस. हरजोत सिंह बैंस ने NEET परीक्षा पास करने वाले छात्रों को बधाई दी और मेडिकल के क्षेत्र में उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा, “एक बार फिर हमारे सरकारी स्कूल के छात्रों ने साबित कर दिया है कि अच्छी शिक्षा और कड़ी मेहनत से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इस साल हमारे 882 छात्रों ने NEET परीक्षा पास की है, जो ‘शिक्षा क्रांति’ और हमारे शिक्षकों के समर्पण का असर दिखाता है।”
शिक्षा मंत्री ने कहा कि साल 2026 में NEET परीक्षा पास करने वाले छात्रों की संख्या राज्य में सरकारी स्कूलों के बढ़ते स्तर का एक स्पष्ट उदाहरण है। साल 2024 में 437 छात्रों ने NEET परीक्षा पास की थी और साल 2025 में यह संख्या बढ़कर 847 हो गई थी। इस साल 882 छात्रों ने परीक्षा पास की है, जो साल 2024 की तुलना में 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है। यह सफलता पेपर लीक और दोबारा परीक्षा के कारण 2026 की परीक्षा में आई रुकावट के बावजूद हासिल की गई है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की सार्वजनिक शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए एस. हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “शिक्षा गरीबी को खत्म करने और जीवन को नई दिशा देने का सबसे शक्तिशाली साधन है। इस साल परीक्षा में रुकावट के बावजूद, NEET में हमारे सरकारी स्कूल के छात्रों की सफलता इस बात का सबूत है कि सही सहयोग और सही माहौल मिलने पर हमारे बच्चे क्या कुछ हासिल नहीं कर सकते।”
इस साल NEET पास करने वालों में, लुधियाना जिले के ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस, सेखेवाल’ के छात्र प्रतीक कुमार की कहानी राज्य में शिक्षा सुधारों के दूरगामी प्रभाव को उजागर करती है। प्रतीक, जिनके पिता एक प्राइवेट स्कूल टीचर हैं और महीने में 16,000 रुपये कमाते हैं, ने NEET-UG 2026 में 720 में से 594 अंक हासिल करके 99.3 प्रतिशत मार्क्स पाए।
उन्होंने सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग के “PACE” प्रोग्राम के तहत फ्री ऑनलाइन क्लास और मॉक टेस्ट के ज़रिए परीक्षा की तैयारी की। प्रतीक ऑन्कोलॉजिस्ट बनकर कैंसर मरीज़ों की सेवा करना चाहते हैं। उनकी कामयाबी यह दिखाती है कि सही दिशा और सपोर्ट, लगन और कड़ी मेहनत से आर्थिक तंगी को दूर किया जा सकता है।
प्रतीक के पिता ने कहा, “मेरा हमेशा से मानना था कि शिक्षा ही हमारे परिवार की किस्मत बदलने का एकमात्र ज़रिया है। पंजाब सरकार की ओर से दी गई फ्री कोचिंग और मॉक टेस्ट ने प्रतीक को एक नई दिशा दी। आज, जब उन्होंने NEET परीक्षा पास कर ली है, तो यह हमारे जीवन का सबसे गर्व और खुशी का दिन है।”
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