मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ‘साडे बुजुर्ग, साडा मान’ अभियान के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में विभिन्न पहल कर रही है।
इस अभियान के तहत सरकार सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से ऐसा वातावरण तैयार करने का प्रयास कर रही है, जहां वरिष्ठ नागरिक स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और समाज से जुड़ा हुआ महसूस करें। योजना का उद्देश्य केवल सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि बुजुर्गों को आवश्यक सरकारी सेवाएं और सहायता समय पर उपलब्ध कराना भी है।
पंजाब सरकार की 1076 हेल्पलाइन के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को घर बैठे विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ मिल रहा है। इसी व्यवस्था के तहत वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे लाभार्थियों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए ‘माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007’ के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया है। इस कानून के तहत बुजुर्गों से जुड़े हजारों मामलों का निपटारा किया जा चुका है। इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए 14567 एल्डर हेल्पलाइन संचालित की जा रही है।
पंजाब सरकार ने राज्य के वृद्धाश्रमों को वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 में ₹4.93 करोड़, वर्ष 2024-25 में ₹6.67 करोड़ और वर्ष 2025-26 में ₹4.10 करोड़ सहित कुल ₹15.70 करोड़ की अनुदान राशि वृद्धाश्रमों के लिए जारी की गई है। इस सहायता का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर आवास, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत लाभार्थियों के बैंक खातों में अब तक ₹1,048 करोड़ से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण व्यवस्था के माध्यम से पेंशन भुगतान की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने का प्रयास किया गया है।