चंडीगढ़, 26 अक्टूबर 2026: पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा’ योजना के तहत बुजुर्ग तीर्थ यात्रियों को ले जाने वाली सुपर डीलक्स बसों की राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) द्वारा चेकिंग किए जाने के बाद, आम आदमी पार्टी (आप) ने नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि यह कोशिश भगवंत मान सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए चलाई जा रही योजना को रोकने के लिए की गई है। उन्होंने सवाल किया कि एनएचआरसी ने पहली बार तीर्थ बसों की चेकिंग क्यों की और क्या इसने पहले कभी किसी अन्य राज्य की रोडवेज बसों की इस तरह की चेकिंग की है?
‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ‘एक्स’ (X) पर लिखा, “देश की सबसे बड़ी मानवाधिकार संस्था, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने अपने इतिहास में पहली बार बसों की चेकिंग की है। कौन सी बसें? वे सुपर डीलक्स बसें जो पंजाब के लोगों को ‘तीर्थ यात्रा’ पर ले जा रही हैं।”
उन्होंने आगे लिखा, “इन्हें इसमें क्या कमियां मिलीं? ऐसे सवाल उठाए गए कि ड्राइवर और सवारियों के बीच बंटवारा (पार्टीशन) क्यों है। क्या एनएचआरसी ने उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसों की चेकिंग की? नहीं। क्या एनएचआरसी ने किसी अन्य राज्य के रोडवेज द्वारा चलाई जा रही बसों की चेकिंग की? नहीं। इसने सिर्फ पंजाब से श्रद्धालुओं को ले जाने वाली सुपर डीलक्स बसों की ही चेकिंग की।”
‘आप’ सुप्रीमो ने पूछा, “प्रधानमंत्री मोदी जी, आप बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा पर जाने से रोकने के लिए इतने उतावले क्यों हैं? आप बुजुर्गों की बददुआएं क्यों लेना चाहते हैं? आपको बहुत बड़ा पाप लगेगा। सभी पंजाबी आपको बददुआएं देंगे।”
इस बीच, ‘आप’ के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने भी तीर्थ यात्रा के लिए इस्तेमाल की जा रही सुपर डीलक्स बसों की एनएचआरसी द्वारा की गई चेकिंग की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, “तिरंगा फहराने के लिए ‘जेन-ज़ी’ (युवाओं) को जेलों में डाल दिया गया, लेकिन मानवाधिकार आयोग चुप बैठा रहा। छात्रों पर पैलेट गन चलाई गईं, फिर भी आयोग की चुप्पी बरकरार रही।”
ये भी देखे: आपदा प्रबंधन विभाग में दस दिवसीय इंटर्नशिप कार्यक्रम के दूसरे सत्र का शुभारंभ