अतीक अहमद के पुराने गढ़ का नाम बदलेगा, प्रयागराज में 1,200 परिवारों के लिए बनेंगे घर

by Priya

प्रयागराज, 17 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कसारी-मसारी इलाके का नाम बदलकर श्रीकृष्णपुरी करने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने प्रयागराज दौरे के दौरान इस फैसले की जानकारी दी। यह इलाका माफिया से जुड़े पुराने कब्जों के कारण चर्चा में रहा है। अब यहां आवासीय विकास योजना के तहत गरीब परिवारों के लिए घर बनाने की तैयारी है।

1,200 परिवारों को मिलेगा आवास

घोषित योजना के अनुसार, कसारी-मसारी क्षेत्र में लगभग 9,811 वर्ग मीटर जमीन पर पद्मलोक आवास योजना के तहत आवासीय कॉलोनी विकसित की जाएगी। इस परियोजना में कुल 1,200 परिवारों के लिए घर बनाने की योजना है।

योजना को दो चरणों में पूरा करने की बात कही गई है। पहले चरण में 602 परिवारों और दूसरे चरण में 598 परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की योजना है। इससे कुल 6,000 से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

कॉलोनी में होंगी जरूरी सुविधाएं

प्रस्तावित आवासीय क्षेत्र में केवल घर ही नहीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पार्क, खेलकूद की सुविधाएं और बाजार जैसी व्यवस्थाएं भी विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य क्षेत्र को व्यवस्थित आवासीय इलाके के रूप में विकसित करना है।

पुराने कब्जों वाली जमीन पर विकास की योजना

प्रशासन की योजना के तहत उस जमीन का पुनर्विकास किया जा रहा है, जहां पहले अतीक अहमद और उनके सहयोगियों से जुड़े अवैध निर्माण होने की बात सामने आई थी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अपराध और माफिया के खिलाफ सरकार की नीति का भी उल्लेख किया।

सरकार की ओर से इस परियोजना को प्रयागराज में शहरी विकास और जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की पहल के तौर पर पेश किया गया है। हालांकि, आवास आवंटन की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और निर्माण पूरा होने की समयसीमा से जुड़ी विस्तृत जानकारी अलग से स्पष्ट होना बाकी है।

क्या है इस फैसले का महत्व?

इस घोषणा के दो प्रमुख पहलू हैं—पहला, विवादित जमीन का आवासीय उपयोग के लिए पुनर्विकास और दूसरा, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए घर उपलब्ध कराने की योजना। परियोजना के लागू होने पर स्थानीय क्षेत्र की संरचना और निवासियों की सुविधाओं में बदलाव आ सकता है।

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