चंडीगढ़, 16 अक्टूबर 2026: मानसा में 13 अक्टूबर को परविंदर सिंह उर्फ झोटा की हत्या के मामले में केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार से विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर घटना का पूरा ब्योरा देने और इस मामले में राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी देने को कहा है।
पत्र में झोटा को पंजाब में नशीले पदार्थों और मन:प्रभावी दवाओं की खुलेआम बिक्री तथा दुरुपयोग के खिलाफ आवाज उठाने वाला व्यक्ति बताया गया है। हत्या के बाद राज्य में हुए विरोध प्रदर्शनों का भी पत्र में उल्लेख किया गया है।
भारत सरकार के अवर सचिव सुबोध कुमार जयसवाल की ओर से पंजाब के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार मानसा की घटना से संबंधित विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट उपलब्ध करवाए। इसके साथ ही यह भी बताया जाए कि हत्या के मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है। और राज्य सरकार ने आगे क्या कदम उठाए हैं। पत्र की प्रति पंजाब पुलिस के महानिदेशक को भी भेजी गई है।
केंद्र सरकार ने पत्र में केवल झोटा हत्याकांड की जानकारी ही नहीं मांगी। बल्कि पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई का ब्योरा भी तलब किया है। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से 10 अगस्त 2026 को पंजाब के मुख्यमंत्री के साथ साझा किए गए नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 के तहत उठाए गए कदमों की जानकारी देने को कहा गया है।
पत्र के अनुसार इस विजन डॉक्यूमेंट में नशामुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए रणनीतिक प्राथमिकताएं और कार्रवाई के बिंदु तय किए गए हैं। इसमें सभी संबंधित पक्षों से लगातार और समन्वित कार्रवाई करने की अपेक्षा की गई है। केंद्र ने पंजाब सरकार से पूछा है कि इस दस्तावेज में निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य में अब तक क्या कार्रवाई की गई है।