नई दिल्ली, 16 अक्टूबर 2026: केंद्र सरकार इसी महीने संसद का विशेष सत्र बुला सकती है। इसमें लोकसभा सीटें बढ़ाने के लिए संविधान 131वां संशोधन बिल परिसीमन संशोधन बिल और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन बिल को पास कराया जाएगा। इनके जरिए महिला आरक्षण लागू किया जाएगा।
छह महीने 16 और 17 अप्रैल पहले सरकार पहले प्रयास में कामयाब नहीं रही थी। और लोकसभा में दो तिहाई बहुमत जुटा नहीं पाई थी। अब कहा जा रहा है कि सरकार ने संख्याबल जुटा लिया है।
विशेष सत्र बुलाने से करीब एक हफ्ते पहले इसकी सूचना दी जा सकती है। संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को खत्म हुआ था। लेकिन इसका अब तक सत्रावसान नहीं किया गया है।
लोकसभा में 543 सांसद हैं। तीन सीटें खाली हैं। इनमें से एनडीए के 318 सांसद हैं। बिल को पास कराने के लिए दो-तिहाई यानी 360 वोट चाहिए। अगर डीएमके के 22 सांसद बिल का समर्थन करते हैं तो बिल के समर्थन में 340 सांसद हो जाएंगे। यानी इसके बाद भी भाजपा को लगभग 20 सांसदों की जरूरत है।
राज्यसभा में 245 सीटें हैं। तीन खाली हैं। इस तरह 240 में से एनडीए के 153 सांसद हैं। यहां बिल को पास कराने के लिए 162 सांसद चाहिए। यानी यहां भी एनडीए को छोटी पार्टियों के नौ सांसदों की जरूरत पड़ेगी।
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