चंडीगढ़, 24 सितंबर 2026: आम आदमी पार्टी की ओर से मोदी सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बार-बार लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों पर इंडियान एक्सप्रेस की एक खोजी रिपोर्ट ने मुहर लगा दी है। रिपोर्ट में हुए चौकाने वाले खुलासे के बाद ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे आजाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला बताते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह वोटों की चोरी कर चुनाव जीतते जा रहे हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस वोट चोरी के सरगना हैं। उन्होंने मांग की है कि ज्ञानेश कुमार को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की बिना मंजूरी चल रही एसआईआर प्रक्रिया गैर कानूनी है। इस प्रक्रिया को रद्द कर तीन साल पुरानी वोटर लिस्ट को बहाल किया जाए। साथ ही, दिल्ली, बिहार समेत पिछले कुछ सालें में हुए राज्य विधानसभा चुनावों को रद्द कर दोबारा कराया जाए।
बुधवार को “आप” मुख्यालय पर सांसद संजय सिंह और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के साथ प्रेस वार्ता कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अभी तक इस देश में लोग सुना करते थे कि मोदी जी और अमित शाह वोटों की चोरी करके एक के बाद एक चुनाव जीतते जा रहे हैं। आज इंडियन एक्सप्रेस की स्टोरी ने साबित कर दिया है कि असल में ये लोग चुनावों की चोरी कर रहे हैं।
ये वोटों की चोरी कर रहे हैं और बहुत बड़ा वोटों का घोटाला करके चुनाव जीतते जा रहे हैं। मोदी जी और अमित शाह की इस वोटों की चोरी के सरगना ज्ञानेश कुमार हैं। उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाए, उन पर मुकदमा चलाया जाए और पिछले कुछ सालों में दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में जितने चुनाव हुए हैं, ये सारे चुनाव रद्द करके दोबारा कराए जाएं।
तीन आयुक्तों से बना चुनाव आयोग सिर्फ सर्वसम्मति या बहुमत से फैसला ले सकता है- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला है कि चुनाव आयोग एक व्यक्ति का नाम नहीं है, चुनाव आयोग का मतलब है तीन लोग। चुनाव आयोग में एक मुख्य चुनाव आयुक्त और दो सदस्य होते हैं। तीनों मिलकर मीटिंग करते हैं और उस मीटिंग में सर्वसम्मति से या बहुमत से फैसले होते हैं। इन तीनों में से कोई अकेला व्यक्ति निर्णय लेने का अधिकार नहीं रखता। कोई अकेला व्यक्ति चुनाव आयोग नहीं चला सकता और कोई अकेला व्यक्ति चुनाव आयोग के अफसरों को आदेश नहीं दे सकता। मुख्य चुनाव आयुक्त केवल समान अधिकारियों में प्रथम (फर्स्ट अमंग इक्वल्स) होता है, यानी तीनों बराबर हैं। वह केवल मीटिंग की अध्यक्षता करता है, लेकिन उसके पास अकेले आदेश देने का कोई भी अधिकार नहीं है।
दोनों चुनाव आयुक्तों की शिकायत, चुनाव आयोग की बिना मंजूरी जारी हो रहे आदेश- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज इंडियन एक्सप्रेस की स्टोरी यह कहती है कि ज्ञानेश कुमार पिछले कुछ सालों से अकेले चुनाव आयोग चला रहे हैं। दोनों चुनाव आयुक्तों ने बार-बार लिखित शिकायत दी है कि चुनाव आयोग के आदेश और अधिकार के बिना, नीचे के अफसरों को आदेश दिए जा रहे हैं। 28 अक्टूबर 2025 को चुनाव आयुक्तों में से एक सुखबीर सिंह संधू ने मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखी कि केंद्रीय चुनाव आयोग की मंजूरी के बिना भारत के चुनाव आयोग के नाम पर पत्र और आदेश जारी किए जा रहे हैं। सुखबीर सिंह संधू मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चिट्ठी लिखते हैं कि चुनाव आयोग की मंजूरी के बिना आदेश जारी किए जा रहे हैं।
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