चंडीगढ़, 01 मई 2026: पंजाब की गैंगस्टरों के खिलाफ लड़ाई अब सिर्फ़ मुठभेड़ों और गिरफ्तारियों तक ही सीमित नहीं रह गई है, बल्कि अब यह राज्य की सीमाओं तक फैल गई है। एक शांत लेकिन बेहद रणनीतिक युद्ध लड़ा जा रहा है।
‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान के तहत, पंजाब पुलिस तेज़ी से ‘सुरक्षा की दूसरी पंक्ति’ को मज़बूत कर रही है। यह एक गहरी, तकनीक-आधारित सुरक्षा व्यवस्था है जिसका मकसद सीमा पार से जुड़े आपराधिक गिरोहों की जीवनरेखाओं को काटना है।
जहाँ सीमा सुरक्षा बल (BSF) अंतरराष्ट्रीय सीमा की रखवाली करता है, वहीं पंजाब पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि अगर कोई तस्करी का सामान सीमा पार करके अंदर आ भी जाए, तो वह आगे न बढ़ पाए।
सीमावर्ती क्षेत्र में 585 जगहों पर 2291 से ज़्यादा CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिससे संवेदनशील गाँवों और सड़कों पर निगरानी का एक मज़बूत जाल बिछ गया है। इसके अलावा, सीमावर्ती ज़िलों के 41 पुलिस थानों को भी CCTV कवरेज के दायरे में लाया गया है, जो निगरानी और तत्काल कार्रवाई की एक बड़ी प्रणाली से जुड़े हुए हैं।
लेकिन यह सिर्फ़ निगरानी बढ़ाने का मामला नहीं है, बल्कि इसे प्रभावी बनाने की एक रणनीति है।
ज़मीनी स्तर के चेकपॉइंट अब ज़्यादा सख़्त और अप्रत्याशित हो गए हैं, जो रियल-टाइम इंटेलिजेंस पर आधारित हैं। वाहनों की जाँच अब सिर्फ़ एक औपचारिकता नहीं रह गई है, बल्कि अब यह लक्षित और जानकारी-आधारित होती है। ड्रोन-रोधी निगरानी विशेष रूप से उन ज़िलों में बढ़ाई गई है, जहाँ ड्रोन के ज़रिए हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले सामने आए हैं।
अमृतसर ग्रामीण के SSP सुहैल कासिम मीर ने कहा, “सुरक्षा की दूसरी पंक्ति वह जगह है जहाँ आपराधिक कड़ी टूट जाती है। जहाँ पहली पंक्ति सीमा को सील करती है, वहीं हमारे क्षेत्र में किसी भी तरह की घुसपैठ को तुरंत रोक दिया जाता है। हमारे चेकपॉइंट अब सिर्फ़ साधारण जाँच-चौकियाँ नहीं रह गए हैं; उन्हें इंटेलिजेंस के आधार पर तैनात किया जाता है और पूरी तरह से सत्यापित जानकारियों के आधार पर ही उन्हें स्थापित और संचालित किया जाता है।”
उन्होंने आगे कहा, “गाँव-स्तरीय रक्षा समितियाँ और स्थानीय नेटवर्क अब सुरक्षा ढाँचे का हिस्सा बन गए हैं, जो ज़मीनी गतिविधियों पर नज़र रखते हैं। हम लगातार अपने बुनियादी ढाँचे, निगरानी प्रणाली, गतिशीलता और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमताओं को मज़बूत कर रहे हैं, ताकि यह स्तर अपराध को रोकने और उसे तत्काल समाप्त करने में सहायक सिद्ध हो सके।”
पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने भी इस बात पर ज़ोर दिया कि सुरक्षा की दूसरी पंक्ति को मज़बूत करना ही राज्य की गैंगस्टर-विरोधी रणनीति का मुख्य आधार है। “हम पुलिसिंग में गहराई ला रहे हैं। हमारा ध्यान पूरी चेन को तोड़ने पर है सीमा पार से सप्लाई से लेकर अंतिम डिलीवरी तक। सुरक्षा की दूसरी पंक्ति यह सुनिश्चित करती है कि यदि कोई भी प्रयास किया जाता है, तो उसका पता शुरुआती चरण में ही चल जाए और उसे तुरंत नाकाम कर दिया जाए।
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