न्यू मैक्सिको, 22 अक्टूबर 2026। अमेरिका के न्यू मैक्सिको राज्य की एक अदालत ने सोशल मीडिया कंपनी Meta पर 25 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया है। अदालत का यह फैसला फेसबुक पर यूजर्स की निजी जानकारी और डेटा प्राइवेसी से जुड़े मामले में आया है। जूरी ने सितंबर में कंपनी को उपभोक्ता संरक्षण कानून के 4.3 करोड़ से अधिक उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार पाया था।
मामले में आरोप था कि फेसबुक ने यूजर्स को यह भरोसा दिलाया कि उनकी निजी जानकारी पर उनका नियंत्रण है, जबकि कंपनी के बयानों को अदालत ने भ्रामक पाया। यह मामला राजनीतिक कंसल्टिंग कंपनी Cambridge Analytica द्वारा फेसबुक यूजर्स के डेटा के इस्तेमाल से जुड़े विवाद से भी संबंधित है।
Meta फैसले को अदालत में चुनौती देगी
न्यू मैक्सिको के अधिकारियों ने इस फैसले को बड़ी टेक कंपनियों की जवाबदेही तय करने वाला कदम बताया है। वहीं, Meta ने फैसले और जुर्माने की राशि पर आपत्ति जताई है। कंपनी का कहना है कि वह इस फैसले के खिलाफ अपील करेगी और उसे भरोसा है कि अपील में उसे राहत मिल सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के वकीलों ने इससे भी अधिक जुर्माने की मांग की थी, जबकि Meta ने काफी कम राशि का तर्क दिया था। अपील की प्रक्रिया के दौरान जुर्माने की रकम में बदलाव हो सकता है।
टेक कंपनियों के लिए क्या है इसका मतलब?
यह फैसला डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यूजर्स की निजी जानकारी के इस्तेमाल और कंपनियों की जिम्मेदारी को लेकर अहम माना जा रहा है। यदि जुर्माने का बड़ा हिस्सा बरकरार रहता है, तो इसका असर दूसरी टेक कंपनियों के डेटा प्राइवेसी नियमों और कानूनी जोखिमों पर भी पड़ सकता है।
हालांकि, यह मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। Meta की प्रस्तावित अपील के बाद अंतिम देनदारी और जुर्माने की राशि में बदलाव संभव है।