पटना, 22 अक्टूबर 2026। बिहार के गृह विभाग ने पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए 57 पुलिस अधिकारियों के तबादले और नई तैनाती के आदेश जारी किए। इस बदलाव में तीन आईपीएस अधिकारियों समेत कई डीएसपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इसका असर पटना के साथ-साथ समस्तीपुर, भागलपुर और दूसरे जिलों की पुलिस व्यवस्था पर भी पड़ेगा।
अपराजित को पटना में अतिरिक्त जिम्मेदारी
तबादला आदेश के अनुसार, 2020 बैच के आईपीएस अधिकारी अपराजित को पटना में पुलिस अधीक्षक (कानून-व्यवस्था) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वह इससे पहले बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-16, पटना के कमांडेंट थे।
वहीं, पटना में एसपी (कानून-व्यवस्था) की जिम्मेदारी संभाल रहे 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी मुकुल कुमार रंजन को समस्तीपुर का एसपी (ग्रामीण) बनाया गया है।
भागलपुर और दूसरे जिलों में भी बदलाव
आईपीएस अधिकारी आलोक रंजन को भागलपुर का एसपी (ग्रामीण) नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह पुलिस मुख्यालय में नई तैनाती की प्रतीक्षा कर रहे थे।
इसके अलावा, पटना में रेलवे पुलिस, सीआईडी की विशेष अपराध शाखा, आर्थिक अपराध इकाई (EOU), विशेष शाखा और मद्य निषेध व राज्य नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो में भी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। औरंगाबाद में साइबर अपराध से जुड़े काम के लिए भी डीएसपी की तैनाती की गई है।
पुलिस व्यवस्था पर क्या होगा असर?
बड़े स्तर पर हुए इस फेरबदल से पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारियों और विभिन्न इकाइयों में तैनाती का ढांचा बदलेगा। पटना में कानून-व्यवस्था की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपे जाने को राजधानी की पुलिस व्यवस्था के लिहाज से अहम बदलाव माना जा रहा है।
हालांकि, तबादलों से अपराध नियंत्रण या पुलिस प्रतिक्रिया में कितना सुधार होगा, इसका आकलन नई तैनाती के बाद ही किया जा सकेगा।