चंडीगढ़, 2 जून 2026: केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के साथ-साथ बिजली क्षेत्र के घाटे को कम करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। बिजली निगमों को नई तकनीकों को अपनाते हुए लक्ष्य आधारित योजनाओं पर तेजी से काम करना चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय बिजली मिल सके।
मनोहर लाल चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में हरियाणा के बिजली निगमों और केंद्र सरकार की योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज भी मौजूद रहे।
बैठक में केंद्रीय मंत्री ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार, तकनीकी और वाणिज्यिक हानियों में कमी, राजस्व बढ़ाने और वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा बिजली क्षेत्र में अच्छी प्रगति कर रहा है लेकिन बिजली घाटे को शून्य करने के लिए और अधिक प्रयास करने चाहिए।
मनोहर लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली बिलिंग और वास्तविक आपूर्ति के बीच के अंतर को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2013-14 में हरियाणा के बिजली निगमों का लाइन लॉस करीब 34 प्रतिशत था, जिसमें अब काफी कमी आई है। केंद्रीय मंत्री ने इस पर संतोष जताया लेकिन सुधार की गति और तेज करने के निर्देश दिए।
मनोहर लाल ने प्रीपेड मीटरिंग प्रणाली के क्रियान्वयन की समीक्षा की और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुझाव दिया कि पहले चरण में सरकारी कार्यालयों, सरकारी भवनों और कर्मचारियों के परिसरों में प्रीपेड मीटर लगाए जाएं। इसके बाद 10 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं को जोड़ा जाए।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि भविष्य में प्रदेश के सभी नए उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर दिए जाएंगे।
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