चंडीगढ़, 27 अक्टूबर 2026: हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रशासनिक मशीनरी में बड़े बदलाव की तैयारी की जा चुकी है। हरियाणा सरकार ने केंद्र में सेवाएं दे रहे राज्य के चार सीनियर आईएएस अधिकारियों को वापस भेजने का आग्रह केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग से किया है।
केंद्र सरकार इन अधिकारियों से हरियाणा वापसी के लिए उनकी राय पूछ रही है। कुछ अधिकारियों ने वापस हरियाणा जाने पर सहमति जता दी है जबकि कुछ अभी तय नहीं कर पाए हैं। उनकी सहमति अथवा असहमति का इंतजार किया जा रहा है।
हरियाणा सरकार ने जिन चार आईएएस अधिकारियों को वापस बुलाया है उनमें पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रधान सचिव रह चुके वी उमाशंकर 1993 बैच मनोहर लाल के ही अतिरिक्त प्रधान सचिव रह चुके डॉ राकेश गुप्ता 1997 बैच शहरी निकाय विभाग में प्रधान सचिव रह चुके विकास गुप्ता 2001 बैच और चंडीगढ़ के गृह सचिव रह चुके नितिन यादव 2000 बैच शामिल हैं।
सीएम नायब सिंह सैनी के प्रधान सचिव रह चुके अरुण गुप्ता का कार्यकाल पूरा हो चुका है। हालांकि अरुण गुप्ता की मुख्यमंत्री कार्यालय में वापसी की अटकलें लगाई जा रही हैं लेकिन उन्हें कोई दूसरा दायित्व दिया जा सकता है।
केंद्र से वापस लौटने वाले दो अधिकारियों डॉ राकेश गुप्ता और नितिन यादव में से किसी एक को मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव नियुक्त किया जा सकता है। डॉ राकेश गुप्ता राष्ट्रपति भवन के सचिवालय में संयुक्त सचिव के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उनकी गिनती सुलझे हुए ईमानदार अधिकारियों में होती है। उन्हें राज्य में शिक्षा सुधार और लिंग अनुपात में सुधार कार्यों का नायक माना जाता है।
सीनियर आईएएस नितिन यादव केंद्र सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
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