पटना, 01 अगस्त 2026: पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में विक्रमशिला सेतु के कार्यों की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में उन्होंने पुल के पुनर्निर्माण कार्य, बेली ब्रिज की स्थिति और बेयरिंग जांच समेत सभी तकनीकी पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की और अभियंताओं एवं एजेंसी को आवश्यक निदेश दिए।
उक्त बैठक में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के चेयरमैन धर्मेंद्र कुमार, ब्रिज एक्सपर्ट आलोक भौमिक, एजेंसी के प्रतिनिधि सहित विभाग के पदाधिकारी मौजूद रहें।
बैठक में जानकारी दी गई कि निर्माण सामग्री साइट पर पहुँचाई जा रही है, जिसे 25 अगस्त, 2026 तक पूरा करने के लिए एक समर्पित टीम तैनात की गई है। विक्रशिला सेतु पर यातायात का परिचालन बंद होने के बाद स्पैन तोड़ने का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। इस दरम्यान आईआईटी पटना की जांच रिपोर्ट पर भी चर्चा की गई।
बैठक में सेतु के बियरिंग एवं जॉइंट्स के मरम्मती का कार्य प्रमुखता से करने का निदेश दिया गया। साथ ही, बेली ब्रिज हटाने को लेकर भी चर्चा की गई। विक्रमशिला सेतु को 30 नवंबर, 2026 तक पूर्व स्थिति में बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट निदेश दिया कि हर संभव प्रयास कर निर्धारित टाइमलाइन में पूर्ण करें।
इसके उपरांत सचिव पंकज कुमार पाल के द्वारा सुल्तानगंज-अगुवानी घाट गंगा पुल परियोजना की प्रगति पर समीक्षा की गई। उन्होंने अभियंताओं एवं एजेंसी से परियोजना के निर्माण से संबंधित प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। यह परियोजना भागलपुर एवं खगड़िया जिलों को जोड़ते हुए गंगा नदी पर एक महत्वपूर्ण 4-लेन केबल स्टे पुल (सह फुटपाथ) का निर्माण कर रही है, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, व्यापार एवं आर्थिक विकास में बदलाव लाएगी।
परियोजना की पहुँच पथ की कुल लंबाई लंबाई 20.3 किलोमीटर है, जिसका कार्य अग्रिम चरण में है। सचिव ने सख्त निर्देश दिया कि शेष बचे कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाय। समीक्षा के दौरान एजेंसी ने आश्वस्त किया कि पूर्व से तय टाइमलाइन नवंबर, 2027 तक सम्पूर्ण पुल निर्माण कार्य को पूर्ण कर लिया जाएगा।
सचिव ने एजेंसी को आपसी समन्वय बनाकर नियमित समीक्षा करने और तय समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने का सख्त निर्देश दिया। निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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