मेरठ, 20 अगस्त 2026: पाकिस्तानी आतंकियों को देश में शेल्टर देने के लिए जैश-ए-मोहम्मद ने आतंकी जफर को तैयार किया था। उसे पाकिस्तान भी बुलाया जा रहा था। एटीएस की टीम जनपद के अन्य मदरसों में पढ़ रहे छात्रों की जांच करेगी।
जफर के फेसबुक, वाट्सएप अकाउंट का पूरा रिकॉर्ड भी एटीएस ने निकाल लिया है। बुलंदशहर में रहने वाले जफर के बहनोई पर नजर रखी जा रही है। रविवार को एटीएस ने बिहार के पूर्णिया जिले के आतंकी मोहम्मद जफर को कोतवाली थाना क्षेत्र की एक मस्जिद से गिरफ्तार किया था। वह एक महीने पहले ही बिहार से मेरठ आया था।
मस्जिद के नाम पर चंदा एकत्र कर जैश-ए-मोहम्मद को भेज रहा था। उसके पास मिली एक किताब में मसूद अजहर के तिहाड़ जेल में रहने का जिक्र है। बताया गया कि वर्ष 1999 में तिहाड़ जेल से मसूद अजहर समेत तीन आतंकियों को कंधार हाईजैक के दौरान छोड़ना पड़ा था।
मसूद अजहर के किस्सों को पढ़कर जफर काफी प्रभावित था। वह भी मुजाहिद बनकर जिहाद फैलाना चाहता था। जफर वर्ष 2017 में पढ़ाई के लिए मेरठ आया था। कोतवाली थाना क्षेत्र के मदरसे से पढ़ाई करते हुए फेल भी हो गया था। उसके बाद जफर यहां से बिहार लौट गया था। वर्ष 2022 में दोबारा से आया और मस्जिद में रहने लगा। हापुड़ की शेरपुर स्थित मस्जिद का इमाम बन गया।
तभी से वह जैश-ए-मोहम्मद के संपर्क में आ गया था। जफर के मोबाइल से मिले काफी साक्ष्य एटीएस ने बरामद किए हैं। उससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी एटीएस को जानकारी मिली है।
इसी के आधार पर एटीएस की टीम काम कर रही है। उम्मीद है कि जफर से जुड़े अन्य युवकों को भी जल्द ही पकड़ा जाएगा। जफर ने मेरठ, हापुड़, सहारनपुर और बुलंदशहर के युवकों का वॉट्सएप ग्रुप बना रखा था। उक्त ग्रुप से जुड़े युवकों के बारे में जानकारी की जा रही है।
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