महादेव ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया

by Manu
सौरभ चंद्राकर

मुंबई, 03 नवंबर 2026: सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने दूसरी सेंट्रल एजेंसियों के साथ मिलकर महादेव ऐप के गैर-कानूनी बेटिंग सिंडिकेट के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान सल्तनत से सफलतापूर्वक प्रत्यर्पण कर भारत ले आई है। ओमान में भेजी गई सीबीआई की एक टीम उसे वापस भारत ले कर पहुंची है। अब उसे रायपुर में सीबीआई स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा। वह सीबीआई के दो केस में वॉन्टेड है जिनमें चार्जशीट पहले ही फाइल हो चुकी हैं और एक ईडी केस में प्रॉसिक्यूशन कंप्लायंट फाइल किया गया है।

सीबीआई के मुताबिक भारत सरकार की विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से सौरभ चंद्राकर का प्रत्यर्पण संभव हो पाया है। उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसके आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे तलाश कर हिरासत में लिया था। इसके बाद सीबीआई और ईडी ने ओमान को औपचारिक प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा था। प्रत्यर्पण की मंजूरी मिलने के बाद सीबीआई की टीम मस्कट पहुंची और उसे भारत लेकर आई।

छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने महादेव ऑनलाइन बुक से जुड़े मामलों की जांच अपने हाथ में ली थी। जांच में सामने आया कि महादेव ऑनलाइन बुक देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट में से एक था। इसका संचालन भारत के बाहर से किया जा रहा था।

इस नेटवर्क के जरिए क्रिकेट फुटबॉल ताश के खेल और अन्य आयोजनों पर अवैध सट्टेबाजी कराई जाती थी। इसके लिए देशभर में फ्रेंचाइजी पैनल और शाखाओं का नेटवर्क बनाया गया था। ये पैनल लोगों को अपने साथ जोड़ते थे और उनसे सट्टे की रकम जमा कराते थे।

सीबीआई की जांच में पता चला कि अवैध सट्टेबाजी से हासिल रकम को बड़ी संख्या में म्यूल बैंक खातों के जरिए इधर-उधर किया जाता था। कई स्तरों पर लेनदेन के बाद इस पैसे को हवाला नेटवर्क के माध्यम से विदेश भेजा जाता था। जांच एजेंसी के अनुसार इस अवैध कमाई का एक हिस्सा सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को कथित तौर पर संरक्षण राशि देने में भी इस्तेमाल किया गया ताकि सट्टेबाजी का नेटवर्क बिना किसी बाधा के चलता रहे।

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