वॉशिंगटन/तेहरान, 29 अक्टूबर 2026: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच कूटनीतिक बातचीत दोबारा शुरू करने की कोशिश तेज होती दिखाई दे रही है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD वेंस ने ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजाई को एक पत्र भेजा है। ईरानी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, तेहरान को यह पत्र मिल चुका है, लेकिन उसने अभी तक इसका जवाब नहीं दिया है।
मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर भेजे गए इस पत्र का उद्देश्य दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता तलाशना और संभावित नए अमेरिकी हमलों को टालना है।
बातचीत के लिए संभावित ढांचे पर चर्चा
अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, वेंस का पत्र और उसके बाद हुई बातचीत किसी अंतिम शांति समझौते की शर्तों के बजाय भविष्य की वार्ता के संभावित ढांचे पर केंद्रित थी।
रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका और ईरान के बीच मतभेद कम करने और बातचीत की संभावनाएं तलाशने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, पत्र की पूरी सामग्री सार्वजनिक नहीं की गई है।
ईरान की समाचार एजेंसियों तस्नीम और फार्स ने भी पत्र मिलने की पुष्टि की है। तस्नीम के मुताबिक, ईरान को पत्र मिल गया है, लेकिन सरकार ने अभी उस पर कोई जवाब नहीं दिया है।
ईरान ने रखी हैं सात शर्तें
ईरान ने युद्ध समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए अमेरिका के सामने सात शर्तें रखी हैं। इनमें पूरे मध्य पूर्व में युद्धविराम, विदेशों में जमा ईरानी संपत्तियों को मुक्त करना, तेल क्षेत्र पर लगे प्रतिबंध हटाना और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करना शामिल है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार को कहा था कि तेहरान कतर और पाकिस्तान जैसे मध्यस्थ देशों के साथ युद्ध समाप्त करने और महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को फिर से खोलने की योजना पर चर्चा कर रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना बातचीत का अहम मुद्दा
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। दुनिया की बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से होती है। युद्ध के दौरान यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार और तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर भी नाकेबंदी लगा रखी है। वहीं, ईरान का कहना है कि जब तक उसकी शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक जलडमरूमध्य को खोलने पर सहमति नहीं बन सकती।
फिलहाल वेंस के पत्र पर ईरान की औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन किसी समझौते की संभावना और उसकी समय-सीमा को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
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