चंडीगढ़, 26 अक्टूबर 2026: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में प्रदर्शनकारी छात्रों को तुरंत कैंपस खाली करने का अंतिम नोटिस दिया गया। प्रशासन का दावा है कि मांगों के चार्टर को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। और विश्वविद्यालय के आदेश के बाद अधिकांश छात्रों ने भूख हड़ताल खत्म कर प्रदर्शन वापस लिया। नोटिस के मुताबिक कुछ छात्र अब भी नॉर्थ कैंपस के गुलिस्तान-ए-गालिब भवन और गालिब लॉन में धरने पर बैठे हैं।
प्रशासन ने दावा किया कि छात्रों को समझाने के लिए वरिष्ठ फैकल्टी और अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल तीन घंटे से अधिक समय तक बातचीत करता रहा। लेकिन छात्र नहीं माने। प्रशासन ने आरोप लगाया कि विभागों के कई तालों को तोड़ा गया। और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। नोटिस में कहा गया कि प्रदर्शनकारी तुरंत भवन और धरना स्थल खाली कर अपने साथियों के साथ कैंपस छोड़ दें। अन्यथा अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच संदिग्ध दिल्ली पुलिस की रडार पर हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अभी तक 150 से ज्यादा संदिग्ध लोगों की पहचान की गई है। इस मामले में दिल्ली पुलिस जल्द ही संदिग्धों के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज कर सकती है। दिल्ली पुलिस को जामिया के रजिस्ट्रार की तरफ से अब तक चार शिकायतें मिल चुकी हैं।
यूनिवर्सिटी कैंपस में जबरन घुसने के मामले में पहले ही एक एफआईआर हो चुकी है। जिसमें कांग्रेस सांसद इमरान मसूद इमरान प्रतापगढ़ी समाजवादी पार्टी के रामपुर से सांसद मोहिबुल्ला नदवी यूपी विधान परिषद सदस्य शाहनवाज खान एआईएमआईएम के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमाई को नामजद करने के साथ अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। तीनों सांसदों पर हुई एफआईआर की रिपोर्ट दिल्ली पुलिस ने लोकसभा स्पीकर को भी भेज दी गई है।
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