विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की टीम ने साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई

by Manu
विजय देवरकोंडा-रश्मिका मंदाना

चंडीगढ़, 26 अक्टूबर 2026: कॉफी विद करण 9 में नजर आने के बाद विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना के खिलाफ ऑनलाइन हो रही आलोचनाओं ने अब कानूनी रूप ले लिया है। उनकी टीम ने हैदराबाद साइबर क्राइम अधिकारियों के पास एक शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत कथित तौर पर मनगढ़ंत कंटेंट बनाने किसी और के नाम का गलत इस्तेमाल करने और इस जोड़ी को निशाना बनाकर ऑनलाइन परेशान करने के मामलों से जुड़ी है। विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की कानूनी टीम ने इन कलाकारों के बारे में फैलाई जा रही कथित झूठी ऑनलाइन बातों को लेकर हैदराबाद में साइबर क्राइम अधिकारियों के पास एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। टीम द्वारा जारी एक बयान के अनुसार शिकायत में उन सोशल मीडिया पोस्ट ऑनलाइन लेखों और अन्य डिजिटल सामग्री की पहचान की गई है जिनकी वे जांच चाहते हैं।

यह शिकायत अधिकारियों को लिखित रूप में सौंपी गई है। जिसमें जांच के लिए जरूरी लिंक और सबूत भी दिए गए हैं। टीम का आरोप है कि इस सामग्री में मनगढ़ंत बातें छेड़छाड़ किए गए स्क्रीनशॉट किसी और के नाम का गलत इस्तेमाल और जानबूझकर की गई ऑनलाइन प्रताड़ना शामिल है। अपने बयान में टीम ने कहा कि वे अभिव्यक्ति की आजादी व्यक्तिगत विचारों और सार्वजनिक हस्तियों की आलोचना करने के अधिकार का सम्मान करते हैं। हालांकि उन्होंने अपनी राय रखने और मनगढ़ंत या गुमराह करने वाले दावों को सच की तरह पेश करने के बीच का अंतर स्पष्ट किया है। टीम के एक्शन लेने से पहले रश्मिका ने विजय के साथ अपने रिश्ते पर सवाल उठाने वालों को जवाब देते हुए कहा कि उन्हें अपने पति से बेहद प्यार है।

टीम ने अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे कानून के अनुसार इस सामग्री की जांच करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि अगर जांच के दौरान किसी तरह के सुनियोजित या पैसे देकर चलाए गए अभियानों के सबूत मिलते हैं तो उनकी भी गहन जांच की जानी चाहिए। बयान में कहा गया है कि संभावित रूप से गैर-कानूनी सामग्री को प्रकाशित करने रीपोस्ट करने या उसे बढ़ावा देने के हर मामले की अलग-अलग जांच की जा सकती है। इसमें यह भी कहा गया है कि जहां जरूरी होगा वहां उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे। साथ ही कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के महत्व पर भी जोर दिया गया है। विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना को लेकर चल रही ऑनलाइन चर्चाओं के बीच सामने आया है। टीम ने कहा है कि इस मामले को बिना पुष्टि वाले दावों को फैलाने के बजाय जांच और कानूनी प्रक्रिया के जरिए सुलझाया जाना चाहिए।

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