दिल्ली, 10 अक्टूबर 2026: 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज वैसा कुछ भी नहीं हो पाया जैसा 20 जुलाई को हुआ था। जंतर-मंतर पर CJP के प्रोटेस्ट में एक भी नेता नहीं पहुंच पाया। खुद CJP के लीडर्स वहां तक नहीं पहुंच पाए। ममता बनर्जी अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर से निकलीं जरूर, लेकिन वो जंतर-मंतर नहीं पहुंच पाईं। अरविंद केजरीवाल भी जंतर-मंतर तक नहीं पहुंच पाए। राहुल गांधी जंतर-मंतर के लिए निकले ही नहीं। वो दिल्ली से चेन्नई निकल गए और अखिलेश यादव दिल्ली आने की जगह सैफई चले गए। ‘वोट चोरी’ पर विपक्षी एकता की आज पोल खुल गई। इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी ने ऐलान किया है कि रविवार को भी प्रदर्शन जारी रहेगा। लेकिन सवाल है कि आज ऐसा मुमकिन कैसे हुआ कि कोई बवाल नहीं होने पाया।
दरअसल, जंतर-मंतर का सेकेंड चैप्टर शुरू होने से पहले ही खत्म हो गया। आज दिल्ली पुलिस के 30 हजार से ज्यादा जवान जंतर-मंतर के आसपास तैनात थे। हर रास्ते पर बैरिकेडिंग थी। हर सिचुएशन से निपटने की तैयारी थी। आज जो भी जंतर-मंतर के लिए निकला, बैनर पोस्टर लहराने की कोशिश की, जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने उसे डिटेन कर लिया। गिनती के चंद लोग जंतर-मंतर पहुंचे भी तो उनके नारों का शोर दिल्ली पुलिस की तैयारियों के आगे सुनाई नहीं दिया।
जंतर-मंतर के आस पास का पूरा इलाका आज छावनी बना रहा। कनॉट प्लेस हो, रीगल सिनेमा हो, मिंटो ब्रिज हो या आकाशवाणी भवन, जहां प्रोटेस्टर्स ने हंगामा करने की कोशिश की, उन्हें पुलिस उठाकर ले गई। ना अभिजीत दिपके पहुंच पाए, ना ध्रुव राठी को मौका मिला, ना नेहा वोहरा की दाल गली। दिल्ली पुलिस ने आज सिर्फ 30 हजार जवानों की फौज ही नहीं उतारी, बल्कि चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए। दर्जनों ड्रोन्स उड़ाए। सड़कों पर कील लगाई। कॉकरोच जनता पार्टी के जो सपोटर्स इन सबके बाद भी कनॉट प्लेस के आस पास पहुंचे, उन्हें समझ में नहीं आया कि करना क्या है। या तो वो थोड़ी देर में वापस लौट गए या फिर उन्हें पुलिस डिटेन करके ले गई। दोपहर होते-होते सबकुछ ठंडा पड़ चुका था। जितने लोग सड़कों पर बचे थे, उससे ज्यादा दिल्ली पुलिस के 12 डिटेंशन सेटर्स में पड़े थे।
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