सिरसा, 03 अक्टूबर 2026: हरियाणा में दूध के रेट बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे दूध बंद आंदोलन का आज तीसरा दिन है। किसानों और पशुपालकों ने सिरसा वीटा प्लांट पर धरना शुरू कर दिया है। साथ ही प्लांट में दूध सप्लाई के लिए आने और जाने वाले वाहनों को गेट पर ही रोक दिया है।
शुक्रवार को किसानों ने 1000 लीटर से ज्यादा दूध से भरे ड्रम दूधिए और डेयरियों से छीनकर गुरुघरों और मंदिरों में भेज दिए थे। इसे लेकर कई जगह जमकर हंगामा हुआ। जिसके बाद पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। किसानों ने आज सुबह 11 बजे सिरसा वीटा प्लांट पर मीटिंग बुलाई है। जिसमें आगे की हड़ताल को लेकर फैसला होगा।
किसान संगठनों का कहना है कि गांवों में ज्यादातर पशुपालकों ने दूध बेचना बंद कर दिया है। फिर वीटा प्लांट में दूध कहां से आ रहा है। किसानों का आरोप है कि डेयरी संचालकों और दूधियों के जरिए प्लांट तक पहुंच रहा दूध नकली और मिलावटी है। इसकी जांच होनी चाहिए।
सिरसा के कनंगपुर निवासी डेयरी संचालक प्रतीक बिश्नोई के मुताबिक शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग कनंगपुर में इकट्ठे हुए। यहां रोड से गुजर रहे डेयरी संचालकों और दूधियों से दूध के ड्रम व कैन छीन लिए गए। इसके बाद करीब 1000 लीटर दूध इकट्ठा किया गया। यह दूध जरूरतमंद लोगों को बांट दिया गया। जबकि कुछ लोगों को मौके पर ही दूध पिलाया गया।
बचा हुआ दूध कनंगपुर के गुरुघर और मंदिर के अलावा चिल्ला साहिब गुरुद्वारा सिरसा भेजा गया। काफी संख्या में बच्चे और युवा डिब्बे लेकर दूध डलवाने पहुंचे थे। गुरुघर की गाड़ी भी मौके पर बुलाई गई थी। इसमें दूध से भरे कैन और ड्रम लादकर चिल्ला साहिब गुरुद्वारा भेजे गए।
ये भी देखे: हरियाणा में डेयरी किसानों ने दूध के दाम बढ़ाने की मांग की, गांवों में नई दरें तय