चंडीगढ़, 02 अक्टूबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 174 जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित माछर से करीब नौ मिनट वीडियो कॉल पर बात की। स्मित ने दो दिन पहले दुबई से तेल अवीव जा रहे प्लेन की हाइजैकिंग नाकाम की थी। ओमानी को-पायलट ने उन्हें चाकू मारा। स्मित ने फिर भी प्लेन क्रैश नहीं होने दिया।
मोदी ने स्मित से कहा कि पूरा देश आपके लिए प्रार्थना कर रहा था। आपके अच्छे स्वास्थ्य की कामना कर रहा था। आपके साहस और सूझबूझ से कई लोगों की जान बची। बातचीत के दौरान स्मित ने बताया कि वह विमान उड़ा रहे थे। एक झटके के बाद नीचे गिर गए। जिससे काफी चोटें आईं। इसके बावजूद उन्हें महसूस हो रहा था कि विमान नीचे जा रहा है।
स्मित माछर ने कहा कि मुझे पता था कि यह आखिरी मौका है। दरवाजा वहीं था और मैंने उसे खोल दिया। मैं मुश्किल समय में हनुमान चालीसा पढ़ता हूं। उस समय भी पढ़ रहा था। मुझे पता है कि भगवान ने ही हमें बचाया। पीएम से बात करते हुए स्मित भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि आपका फोन आया यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। माफ कीजिए सर मैं आपके सामने रो रहा हूं। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मेरी आपसे बात होगी।
मोदी ने कहा कि आपने इतना बड़ा काम किया है कि देश का हर नागरिक और दुनिया के लोग आपको देखना और आपसे बात करना चाहते हैं। आपने हनुमान चालीसा के बारे में जो बताया उसके लिए मैं आपकी मां गीताबेन को प्रणाम करूंगा। उन्होंने आपको ऐसे संस्कार दिए। मैं आपके पिता भूपेंद्रभाई को भी प्रणाम करूंगा।
मोदी ने कहा कि कल जब मेरी सोनलबेन से बात हुई तो मैं हैरान रह गया। वे इतनी शांति और हिम्मत से बात कर रही थीं। मैंने कल्पना भी नहीं की थी कि ऐसी परिस्थिति में वे इतनी सहजता से बात कर पाएंगी।
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