राइजिंग बिहार इन्वेस्टर समिट-2026 में ऊर्जा क्षेत्र पर विशेष फोकस, निवेशकों से आगे आने का आह्वान

by Manu
राइजिंग बिहार इन्वेस्टर समिट

पटना, 02 अक्टूबर 2026: बिहार को देश के उभरते निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से ‘राइजिंग बिहार इन्वेस्टर समिट-2026’ का आयोजन गुरुवार को पटना के होटल ताज सिटी सेंटर में किया गया। ‘बिहार-द इमर्जिंग इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन ऑफ इंडिया’ थीम पर आयोजित समिट में उद्योग जगत, निवेशकों, उद्यमियों, वित्तीय संस्थानों और विभिन्न व्यावसायिक संगठनों के करीब 200 से 250 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

समिट के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, बिहार की उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र सहित प्रमुख प्रतिनिधि मौजूद रहे।

₹5 लाख करोड़ निवेश लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा बिहार

समिट के लिए जारी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के संदेश में कहा गया कि बिहार सरकार ने नवंबर 2026 तक ₹5 लाख करोड़ के निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने उद्योगपतियों, उद्यमियों और बिजनेस लीडर्स से बिहार में निवेश कर राज्य की विकास यात्रा में भागीदार बनने का आह्वान किया।

संदेश में राज्य में अनुकूल कारोबारी माहौल तैयार करने, औद्योगिक आधार को मजबूत करने तथा निवेश के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित करने पर जोर दिया गया। राज्य में 100 से अधिक औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना और बढ़ते बजट का भी उल्लेख किया गया। बिहार का बजट हाल के वर्षों में बढ़कर ₹3.47 लाख करोड़ तक पहुंचा है।

‘राइजिंग बिहार इन्वेस्टर समिट-2026’ ने सरकार, उद्योग जगत और निवेशकों के बीच संवाद के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराया। समिट में विशेष रूप से ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, सौर ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, बैटरी स्टोरेज, सोलर पार्क और बायोमास जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को सामने रखा गया। ऊर्जा क्षेत्र में ₹1.88 लाख करोड़ के नियोजित निवेश के साथ बिहार ने निवेशकों के लिए बिजली एवं ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में उपलब्ध व्यापक अवसरों को रेखांकित किया।

बिहार के ऊर्जा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश की योजना तैयार की गई है। राज्य में बिजली उत्पादन, पारेषण, वितरण तथा नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी परियोजनाओं में कुल ₹1,88,383 करोड़ के नियोजित निवेश की दिशा में काम किया जा रहा है। इसमें जेनरेशन, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन के साथ-साथ सोलर, बैटरी स्टोरेज, पंप्ड स्टोरेज और ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं से राज्य की ऊर्जा आधारभूत संरचना मजबूत होने के साथ औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार को भी गति मिलेगी।

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