चंडीगढ़, 03 अगस्त 2026: पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो गया है। पहले दिन सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। पहले फार्मेसी पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष ने पंजाब सरकार को घेरा। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस पर निशाना साधते हुए कहा कि हाल ही में नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में आप भी शामिल हुए थे।
उन्होंने सवाल उठाया कि पंजाब में पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान छह बार पेपर लीक की घटनाएं हुईं। इनमें पांच मामले शिक्षा विभाग और एक स्वास्थ्य विभाग से संबंधित हैं। बाजवा ने पूछा कि इन घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री इस्तीफा देंगे या स्वास्थ्य मंत्री। इसके बाद उन्होंने सदन का बहिष्कार कर दिया।
इसके बाद पंजाब सरकार ने नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव सदन में पेश किया। विधायकों से लेकर स्पीकर और मुख्यमंत्री ने जेन-जी के संघर्ष को सलाम किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की खुद की डिग्री नहीं मिल रही है, लेकिन वह “परीक्षा पर चर्चा” करते हैं। पेपर लीक पर रोक लगाने की जगह फर्स्ट ट्रैक अदालतें गठित करने की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार खुद पेपर नहीं करवा पा रही है।
कांग्रेस विधायक बायकॉट कर गए थे। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह 2027 का नक्शा है। शायद वहां हमें विधायक बैठाने होंगे। इसके बाद सदन ने निंदा प्रस्ताव पारित हुआ।
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