चंडीगढ़, 06 जुलाई 2026: पंजाब की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है। स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA) पंजाब के अनुसार, पटियाला ज़िला इस योजना को अपनाने और इस्तेमाल करने में सबसे आगे है और इस प्रोग्राम के तहत सबसे ज़्यादा मरीज़ों और खर्च के मामले में राज्य में टॉप पर है। पूरे पंजाब में 4,43,906 से ज़्यादा मरीज़ों को फ़ायदा हुआ है और कुल मिलाकर 782.79 करोड़ रुपये से ज़्यादा खर्च हुए हैं।
सरकारी और लिस्टेड प्राइवेट अस्पतालों में कैशलेस इलाज देने के लिए बनाई गई ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ राज्य की सबसे अच्छी जन-कल्याणकारी योजनाओं में से एक बन गई है। SHA पंजाब के ताज़ा आंकड़ों (23 जून तक) के अनुसार, इस योजना ने बड़ा बदलाव किया है।
पटियाला इस योजना को अपनाने में सबसे आगे है, जहाँ 52,672 मरीज़ों के इलाज पर लगभग 79.15 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके बाद बठिंडा का नंबर आता है जहाँ 30,813 मरीज़ों पर 76.81 करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि लुधियाना में 44,227 मरीज़ों पर 60.54 करोड़ रुपये खर्च हुए। ऐसा लगता है कि पटियाला में अस्पतालों के साथ बेहतर तालमेल है और लाभार्थियों के बीच योजना के बारे में ज़्यादा जागरूकता है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने एक बयान में कहा, “इससे लोगों को अपनी जेब से होने वाले भारी-भरकम स्वास्थ्य खर्चों से राहत मिली है।” उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना सिर्फ़ कागज़ों पर बनी पॉलिसी नहीं है, बल्कि उन परिवारों के लिए जीवन-रेखा है जो कभी बीमारी से ज़्यादा अस्पताल के बिलों से डरते थे।”
इस योजना का असर पूरे पंजाब में साफ़ तौर पर दिख रहा है। जालंधर (27,682 मरीज़), अमृतसर (20,503) और SAS नगर (20,503) टॉप तीन में रहे हैं। नगर (20,085) जैसे ज़िलों को इस योजना से बहुत फ़ायदा हुआ है, जबकि कपूरथला (9,384) और मलेरकोटला (3,181) जैसे छोटे ज़िलों में भी योजना की पहुँच और इस्तेमाल में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
SHA के डेटा के अनुसार, राज्य भर में 4,43,906 मरीज़ों को फ़ायदा हुआ है और इस पर कुल 782.79 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। डॉ. बलबीर सिंह ने ज़ोर देकर कहा, “हमारा मकसद बहुत सीधा है पंजाब में कोई भी परिवार बीमारी की वजह से कर्ज़ में न डूबे। यह स्कीम हर तिमाही में बढ़ रही है।”
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