मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पूरे पंजाब में 500 ग्रामीण जिम जनता को किए समर्पित

by Manu
ग्रामीण जिम

चंडीगढ़, 29 जून 2026: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने आज राज्य भर के लोगों को 500 आधुनिक ग्रामीण जिम समर्पित करके एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस पहल का मकसद ‘नशे के खिलाफ जंग’ (War on Drugs) अभियान के तहत युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के लिए खेल संस्कृति को बढ़ावा देना है। 1,791 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड खेल बजट के सहयोग से, राज्य सरकार पूरे पंजाब में 3,000 आधुनिक ग्रामीण जिम स्थापित कर रही है और 3,100 खेल के मैदान विकसित कर रही है; साथ ही, टिकाऊ कृषि उपयोग के लिए गांवों के तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए बड़े पैमाने पर अभियान भी चलाया जा रहा है।

ग्रामीण जिमों को लोगों को समर्पित करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज पंजाब के युवाओं और खेल जगत के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। ये ग्रामीण जिम और खेल के मैदान हमारे ‘नशे के खिलाफ जंग’ अभियान को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। हमने फरीदकोट के गांव चांद बाजा से 500 ग्रामीण जिमों का उद्घाटन किया है, और मैं इस अनूठी और ऐतिहासिक पहल पर पंजाब के युवाओं को बधाई देता हूं। हमारा एकमात्र सपना पंजाब को नशा-मुक्त, स्वस्थ और खुशहाल बनाना है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार, केवल खेलों के लिए 1,791 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट आवंटित किया गया है। हमारे युवाओं को खेल के मैदानों और आधुनिक जिमों तक पहुंच प्रदान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। हमने लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से पूरे राज्य में 3,000 आधुनिक ग्रामीण जिम स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।”

उन्होंने आगे कहा, “ये सिर्फ जिम नहीं हैं। ये पंजाब के युवाओं के स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं। इसके साथ ही, राज्य के सभी जिलों में 3,100 खेल के मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 250 खेल के मैदान पहले ही लोगों को समर्पित किए जा चुके हैं।” एक और बड़ी पहल का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने पूरे राज्य में गांवों के तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए एक व्यापक अभियान भी शुरू किया है। इन तालाबों की सफाई के लिए पहले ही एक विस्तृत योजना तैयार की जा चुकी है और साफ किए गए पानी का इस्तेमाल खेती के कामों में किया जाएगा। इस पहल से भूजल पर निर्भरता कम करने और पानी के टिकाऊ प्रबंधन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।”

‘मावां धियां सत्कार योजना’ का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “1 जुलाई से, 18 साल से ज़्यादा उम्र की महिला लाभार्थियों को सहायता राशि के बारे में उनके मोबाइल फोन पर सूचनाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी, और यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जाएगी। पंजाब की अनुसूचित जातियों (SC) की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये मिलेंगे, जबकि अन्य सभी श्रेणियों की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये मिलेंगे। जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, वे भी इस योजना के तहत पात्र होंगी।”

उन्होंने कहा, “इस ऐतिहासिक पहल से पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने इसके प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए पहले ही 9,300 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान कर दिया है।”

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