पटना, 17 जून 2026: अब बिहार में किसानों को फसल कटाई के तुरंत बाद कम कीमत पर अपनी उपज बेचनी नहीं पड़ेगी। इसके लिए कृषि विभाग राज्य में 305 भंडारण गोदाम और 400 पक्का थ्रेसिंग फ्लोर बनाने जा रहा है। गोदाम निर्माण से किसान अपनी उपज को सुरक्षित रूप से संग्रहित कर सकेंगे तथा बाजार में अनुकूल मूल्य मिलने पर उसे बेचकर अधिक लाभ अर्जित कर सकेंगे। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा कृषि क्षेत्र में आर्थिक सशक्तीकरण को बल मिलेगा।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि गोदाम निर्माण योजना का कार्यान्वयन राज्य के सभी जिलों में किया जाएगा। योजना के तहत 88 इकाई 100 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम, 217 इकाई 200 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम तथा 400 पक्का थ्रेसिंग फ्लोर का निर्माण प्रस्तावित है।
किसानों को कृषि उपज के सुरक्षित भंडारण तथा बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (डीपीआर) के अंतर्गत किसानों के लिए 100 एवं 200 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम निर्माण और पक्का थ्रेसिंग फ्लोर की स्थापना की महत्वाकांक्षी योजना संचालित की जाएगी। इस योजना के लिए कुल 24 करोड़ रुपये की निकासी एवं व्यय की स्वीकृति का प्रस्ताव है, जिसमें केंद्रांश 14.40 करोड़ रुपये तथा राज्यांश 9.60 करोड़ रुपये शामिल हैं।
मंत्री ने कहा कि यह योजना कृषि अवसंरचना के विकास के साथ-साथ रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अनुमान है कि 88 गोदामों के निर्माण से 96,536 मानव दिवस, 217 बड़े गोदामों के निर्माण से 3,39,388 मानव दिवस तथा 400 पक्का थ्रेसिंग फ्लोर के निर्माण से 12,000 मानव दिवस रोजगार सृजित होंगे। इस प्रकार योजना के माध्यम से कुल 4,47,924 मानव दिवस रोजगार सृजित होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादों के बेहतर प्रबंधन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने तथा कृषि क्षेत्र को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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