Justice Sanjiv Khanna Retirement: सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना का आज बतौर CJI आखिरी दिन है। वह लगभग 6 महीने तक इस पद पर रहे। जस्टिस बीआर गवई कल यानी 14 मई को देश के 52वें CJI के तौर पर शपथ लेंगे। ऐसे में जस्टिस खन्ना ने अपने रिटायरमेंट प्लान के बारे में बताया।
सेवानिवृत्ति के बाद कोई पद नहीं लूंगा: संजीव खन्ना
न्यायमूर्ति खन्ना का कानूनी करियर दिल्ली जिला न्यायालय से शुरू हुआ था। रिटायर होने से पहले उन्होंने आज स्पष्ट कर दिया, ‘मैं रिटायरमेंट के बाद कोई पद स्वीकार नहीं करूंगा।’ लेकिन मैं कानून के क्षेत्र में जरूर कुछ करूंगा।’
न्यायमूर्ति खन्ना के इस बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि वह किसी आयोग के अध्यक्ष या अन्य संवैधानिक पद को स्वीकार नहीं करेंगे, बल्कि कानून के क्षेत्र में काम करते रहेंगे।
CJI संजीव खन्ना के अहम और बड़े फैसले
अगर जस्टिस खन्ना के प्रमुख फैसलों की बात करें तो वह अरविंद केजरीवाल को जमानत देने, इलेक्टोरल बॉन्ड को अवैध घोषित करने, हालिया मंदिर-मस्जिद विवाद में किसी भी नए सर्वेक्षण पर रोक लगाने, वक्फ संशोधन अधिनियम में मुस्लिम पक्ष को राहत देने, अनुच्छेद 370 को हटाने के फैसले को बरकरार रखने जैसे महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई करने वाली पीठ का हिस्सा थे।
जस्टिस खन्ना के बाद देश के अगले सीजेआई बीआर गवई होंगे। बीआर गवई के बारे में खास बात यह है कि वह देश के पहले दलित मुख्य न्यायाधीश बनेंगे। इसके अलावा, वह दलित समुदाय से सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बनने वाले दूसरे न्यायाधीश होंगे।
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