जल स्रोत मंत्री बरिन्दर गोयल की तरफ से नाभा रोहटी पुल से- जौड़ेपुल नहर को 42 करोड़ रुपए की लागत के साथ पक्की करने की शुरुआत

पटियाला सैकंड फीडर नहर के पक्का होने के साथ पटियाला, संगरूर, मालेरकोटला और मानसा आदि जिलों की करीब 4 लाख एकड़ जमीन को मिलेगा नहरी पानी- बरिन्दर गोयल

by TheUnmuteHindi
जल स्रोत मंत्री बरिन्दर गोयल की तरफ से नाभा रोहटी पुल से- जौड़ेपुल नहर को 42 करोड़ रुपए की लागत के साथ पक्की करने की शुरुआत

जल स्रोत मंत्री बरिन्दर गोयल की तरफ से नाभा रोहटी पुल से- जौड़ेपुल नहर को 42 करोड़ रुपए की लागत के साथ पक्की करने की शुरुआत
– पटियाला सैकंड फीडर नहर के पक्का होने के साथ पटियाला, संगरूर, मालेरकोटला और मानसा आदि जिलों की करीब 4 लाख एकड़ जमीन को मिलेगा नहरी पानी- बरिन्दर गोयल
– कहा, पंजाब सरकार किसानों की हितैषी, सिंचाई के लिए पानी टेलों तक पहुंचा
नाभा, 2 जनवरी :
पंजाब के जल स्रोत मंत्री बरिन्दर गोयल ने गत शाम नाभा रोहटी पुल से जौड़ेपुल को जाती सैकंड पटियाला फीडर नहर के 23.20 किलोमीटर टुकड़े को 42 करोड़ रुपए की लागत के साथ पक्की करने ( लाइनिंग/ रीहैबलीटेशन) के विकास कामों का नींव पत्थर रखा। इस मौके बरिन्दर गोयल ने बताया कि इस नहर के पक्का होने के साथ पटियाला समेत संगरूर, मालेरकोटला और मानसा आदि जिलों की करीब 4 लाख एकड़ जमीन को 1617 क्यूसिक पानी मिलेगा और अब इस की सामर्थ्य 10 प्रतिशत और बढाई गई है।
जल स्रोत, खनण और जीओलोजी और भूमि और जल रक्षा विभागों के मंत्री बरिन्दर गोयल ने पत्रकारों के साथ गैररसमी बातचीत करते बताया कि मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसानों की हितैषी सरकार साबित हुई है। उहोंने बताया कि सरकार बनाने से पहले उन्होंने राज्यों के किसानों के साथ टेलों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने का किया वायदा भी अब पूरा कर दिया है। जल स्रोत मंत्री ने धरती निचले पानी के दिन प्रतिदिन गहरे होते जाने पर चिंता का प्रकटावा करते कहा कि माहिरों मुताबिक साल 2037 तक धरती निचले पानी का संकट और गहरा हो जायेगा इस लिए हर व्यक्ति को जल स्रोतों की संभाल और इस का प्रयोग संयम के साथ करने के लिए प्रयास करना पड़ेगा। बरिन्दर गोयल ने पानी की संभाल के लिए अवेसले होने के लिए पिछली सरकारों को कोसते कहा कि इस समस्या की तरफ कभी ध्यान नहीं दिया गया जबकि उनकी सरकार ने इस सम्बन्धित ठोस नीति बना कर काम शुरू किया है।
बरिन्दर गोयल ने कहा कि पहले डैमों से मिलने वाले पानी में से हम करीब 68 प्रतिशत प्रयोग करते थे और 38 प्रतिशत पानी व्यर्थ जा रहा था, जो हमारी सरकार की तरफ से पिछले करीब तीन सालों में यह 84 प्रतिशत प्रयोग में लाया गया है। उन्होंने कहा कि नहरी पानी का प्रयोग करने के साथ जमीनी पानी का स्तर पर उठता है, इस लिए किसान भी अधिक से अधिक नहरी पानी का प्रयोग करें क्योंकि इस के साथ होने वाली फसल स्वस्थ होने समेत बिजली की खप्त भी नहीं करनी पड़ती। इस मौके विधायक अमरढ़ प्रौ. जसवंत सिंह गज्जणमाजरा, इम्पू्रवमैंट ट्रस्ट पटियाला के चेयरमैन मेघ चंद शेरमाजरा, तेजिन्दर सिंह खहरा, सिंचाई विभाग के निगरान इंजीनियर सुखजीत सिंह भुल्लर, लैहल डिविजन के कार्यकारी इंजीनियर किरनदीप कौर, एस. डी. ओज अशीष कुमार और गुरप्रीत सिंह समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

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