पुणे, 29 जून 2026: महाराष्ट्र के पुणे में नसरपुर में चार साल की बच्ची के साथ रेप और उसके बाद हत्या के मामले में पुणे की स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने आरोपी भीमराव कांबले को मौत की सजा सुनाई है। पॉक्सो एक्ट के तहत चले इस मुकदमे में मात्र 55 दिन में फैसला आया है।
भोर तहसील में साढ़े तीन साल की बच्ची की बेरहमी से हत्या के इस मामले में 65 वर्षीय भीमराव कांबले को पहले ही दोषी ठहराया जा चुका था। कोर्ट को उम्रकैद और मौत की सजा में से एक चुनना था।
इस मामले को महाराष्ट्र के हालिया कानूनी इतिहास में सबसे तेज मुकदमों में से एक माना जा रहा है। पुलिस की तेज कार्रवाई, 1200 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट और स्पेशल जज एस.आर. सालुंखे के सामने रोजाना इन-कैमरा सुनवाई ने इसे संभव बनाया।
स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अजय मिसर ने मौत की सजा की मांग करते हुए अपराध की क्रूरता को सुप्रीम कोर्ट के ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ सिद्धांत के दायरे में बताया। बचाव पक्ष ने आरोपी की उम्र और अन्य फैक्टर्स का हवाला देते हुए सजा में कमी की अपील की थी।
कोर्ट ने कई गवाहों की गवाही, फोरेंसिक सबूतों और हालात के प्रमाणों के आधार पर 25 जून को सजा सुनाई।
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